उत्तराखंड नीट यूजी फेक सर्टिफिकेट मामला: देहरादून के बसंत विहार थाने में दर्ज हुआ तीसरा मुकदमा, अब तक 12 गिरफ्तार
उत्तराखंड नीट यूजी फेक सर्टिफिकेट मामला: देहरादून के बसंत विहार थाने में दर्ज हुआ तीसरा मुकदमा, अब तक 12 गिरफ्तार
उत्तराखंड में एमबीबीएस (MBBS) दाखिले के लिए फर्जी प्रमाण पत्रों के इस्तेमाल से जुड़ा मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। राजधानी देहरादून में इस सिलसिले में अब तीसरा मुकदमा बसंत विहार थाने में दर्ज कर लिया गया है। आरोप है कि एलिस तोमर (ललित तोमर) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तहसील सदर से स्थायी निवास और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
फर्जी दस्तावेजों का खुलासा: राजस्व विभाग की ओर से दी गई तहरीर के मुताबिक, जब आवेदन में दिए गए पते (16 राम विहार, हरिद्वार-कांवली क्षेत्र) पर स्थलीय सत्यापन कराया गया, तो आवेदक वहां नहीं मिला। जांच में आवेदन के साथ लगाए गए दस्तावेज भी पूरी तरह फर्जी पाए गए।
धाराएं: इसके बाद राजस्व विभाग की कर्मचारी स्वाति की शिकायत पर बसंत विहार थाने में ललित तोमर के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत FIR दर्ज की गई है।
अब तक कुल 6 आरोपी नामजद: एमबीबीएस दाखिले में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे के प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आया था। इससे पहले रायपुर और क्लेमेंटाउन थानों में भी मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। रायपुर मामले में 3 छात्राएं जबकि क्लेमेंटटाउन मामले में 1 छात्रा और उनकी मां नामजद थीं। बसंत विहार में तीसरी FIR दर्ज होने के बाद कुल नामजद आरोपियों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है।
एसआईटी जांच और गिरफ्तारियां
जांच का दायरा: रायपुर और क्लेमेंटाउन मामलों की जांच के लिए गठित SIT अब इस तीसरे मामले की भी गहराई से छानबीन कर रही है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग तहसीलों से जारी प्रमाण पत्रों और एमबीबीएस काउंसलिंग के दौरान जमा रिकॉर्ड का मिलान कर रही है।
कुल 12 गिरफ्तारियां: देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, एसआईटी ने देहरादून से 5 और अन्य जनपदों से 7 गिरफ्तारियां की हैं। इस तरह इस फर्जी सर्टिफिकेट मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट में और कितने लोग शामिल हैं।
