झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची जमीन घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट ने तय किए आरोप
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ रांची जमीन घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पीएमएलए कोर्ट ने तय किए आरोप
रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बुधवार को विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में आरोप तय कर दिए गए। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में चली इस कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। आरोप गठन की यह प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब इस मामले में मुख्य मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ेगी।
मामले से जुड़े मुख्य बिंदु:
कुल 17 आरोपी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के बाद इस मामले में कुल 17 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 16 के खिलाफ पहले ही अलग-अलग चरणों में आरोप तय किए जा चुके थे, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ यह प्रक्रिया बुधवार को पूरी की गई।
क्या है पूरा मामला? यह पूरा मामला बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन के स्वामित्व और राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर तथा उस पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। ईडी ने इसी फर्जीवाड़े के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की थी।
हाईकोर्ट में याचिका और राहत नहीं: आरोप तय होने से पहले हेमंत सोरेन की ओर से निचली अदालत की कार्यवाही रोकने की मांग करते हुए झारखंड हाईकोर्ट में आपराधिक रिट याचिका दाखिल की गई थी। बुधवार को हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई हुई, जहां अदालत ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए ईडी को पूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
विशेष पीएमएलए अदालत में आरोप तय होने के बाद अब न्यायिक प्रक्रिया अपने अगले चरण में प्रवेश कर गई है। इसके तहत अब अभियोजन पक्ष (ED) की ओर से अदालत में साक्ष्य और गवाह पेश किए जाएंगे, जिसके बाद बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
