‘वोट चोरी’ के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का देशव्यापी आंदोलन: 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली
‘वोट चोरी’ के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन का देशव्यापी आंदोलन: 2 से 8 अक्टूबर तक ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च, 1 नवंबर को दिल्ली में बड़ी रैली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनावों में धांधली और ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाते हुए ‘इंडिया’ गठबंधन ने केंद्र सरकार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बुधवार को गठबंधन के 20 प्रमुख दलों की साढ़े तीन घंटे चली मैराथन बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया। विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया है कि वे लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक कड़ा संघर्ष करेंगे।
आंदोलन का मुख्य कार्यक्रम और तिथियां:
2 से 8 अक्टूबर: देश के हर जिले में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला जाएगा, जिसमें कार्यकर्ता और नागरिक जिला मजिस्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करेंगे।
6 अक्टूबर: ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च निकालेंगे।
अक्टूबर के दूसरे सप्ताह: विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे।
अक्टूबर-नवंबर: देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।
1 नवंबर: राजधानी दिल्ली में एक विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा।
विपक्षी दलों की मुख्य मांगें:
बैठक के बाद आयोजित साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए। गठबंधन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
आगामी सभी चुनावों में ईवीएम की जगह बैलेट पेपर (मतपत्र) से मतदान कराया जाए।
आगामी चुनावों में एसआईआर (SIR) प्रक्रिया लागू करने से पहले पुरानी मतदाता सूचियों का इस्तेमाल किया जाए।
मतदाता सूचियों से तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से बाहर हुए सभी नागरिकों के लिए एक प्रभावी अपील तंत्र (Appellate Mechanism) बनाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट से अपील की गई है कि चुनावी अनियमितताओं और एसआईआर से जुड़े मामलों की सुनवाई जल्द पूरी की जाए।
बैठक में शामिल प्रमुख दल और नेता:
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कुल 20 दलों के नेता इस बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअली (ऑनलाइन) जुड़े।
बैठक में सपा, एनसीपी (शरदचंद्र पवार), राजद, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केसी (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी और एआईएफबी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
