कैफे-3 नियम अधिसूचित, छोटी कारों की रियायत खत्म
कैफे-3 नियम अधिसूचित, छोटी कारों की रियायत खत्म
सरकार ने वाहन निर्माताओं के लिए नए कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (कैफे-3) नियम अधिसूचित कर दिए हैं। ये नियम अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक लागू रहेंगे। अंतिम नियमों में 909 किलोग्राम तक वजन वाली पेट्रोल कारों के लिए अलग से प्रस्तावित रियायत को हटा दिया गया है।
पिछले साल सरकार ने ऐसी कारों के लिए प्रति किलोमीटर 3 ग्राम CO2 की छूट का प्रस्ताव रखा था, जिसका कई प्रमुख वाहन निर्माताओं ने विरोध किया था। अब इसके बजाय फ्लीट के उत्सर्जन लक्ष्य तय करने वाले फॉर्मूले में बदलाव किया गया है।
नए फॉर्मूले में रेफरेंस वाहन का वजन 1,170 किलोग्राम से बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम किया गया है। इससे हल्की कारों के फ्लीट को कुछ राहत मिलेगी, जबकि भारी वाहनों के लिए उत्सर्जन लक्ष्य पहले के मुकाबले सख्त होंगे।
कैफे-3 में स्वच्छ ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सुपर-क्रेडिट सिस्टम भी रखा गया है। बैटरी इलेक्ट्रिक और रेंज-एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक वाहनों को 3 गुना फैक्टर मिलेगा। फ्लेक्स-फ्यूल प्लग-इन हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को 2.5 गुना, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड को 1.6 गुना और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को 1.1 गुना फैक्टर दिया जाएगा।
इसके अलावा, क्रेडिट-डेबिट सिस्टम लागू होगा। लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करने वाले निर्माताओं को क्रेडिट मिलेगा, जबकि तय उत्सर्जन सीमा से पीछे रहने वालों पर डेबिट जमा होगा।
