1 अक्टूबर 2026 का पंचांग: पंचमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
1 अक्टूबर 2026 का पंचांग: पंचमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त
हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियों से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और मुहूर्त देखने की परंपरा है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और अन्य खगोलीय गणनाओं के आधार पर दिन की जानकारी देता है।
1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू होगी। आश्विन मास में देवी उपासना के साथ पितरों से जुड़े धार्मिक कर्म भी किए जाते हैं। गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है।
1 अक्टूबर का सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय: सुबह 6:22 बजे
सूर्यास्त: शाम 6:10 बजे
चंद्रोदय: रात 9:40 बजे
चंद्रास्त: अगले दिन सुबह 11:58 बजे
नक्षत्र: रोहिणी
योग: सिद्धि, शाम 9:17 बजे तक
करण: तैतिल
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: वृषभ
अभिजीत मुहूर्त
1 अक्टूबर को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में इस समय को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
राहुकाल का समय
गुरुवार को राहुकाल दोपहर 1:45 बजे से 3:13 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
दक्षिण दिशा में रहेगा दिशाशूल
गुरुवार को पारंपरिक पंचांग गणना के अनुसार दक्षिण दिशा में दिशाशूल माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दक्षिण दिशा की यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यात्रा आवश्यक होने पर परंपरागत रूप से कुछ उपाय करने की मान्यता भी है।
पंचांग की गणनाएं स्थान के अनुसार कुछ मिनटों तक अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या यात्रा के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित माना जाता है।
