हीमोग्लोबिन रिपोर्ट क्यों है जरूरी? जानें बच्चों से लेकर बड़ों तक एनीमिया का सही पैमाना
हीमोग्लोबिन रिपोर्ट क्यों है जरूरी? जानें बच्चों से लेकर बड़ों तक एनीमिया का सही पैमाना
हीमोग्लोबिन (Hb) रिपोर्ट में लिखी एक छोटी सी संख्या हमारे स्वास्थ्य के बारे में कई अहम राज खोलती है। लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला यह प्रोटीन पूरे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है। इसकी कमी होने पर एनीमिया (खून की कमी) की शिकायत हो जाती है, जिससे थकान, कमजोरी, चक्कर आना और सांस फूलने जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के अनुसार, एनीमिया का स्तर हर उम्र और वर्ग के हिसाब से अलग-अलग होता है।
विभिन्न वर्गों के लिए हीमोग्लोबिन के स्तर और एनीमिया के पैमाने:
6 से 59 महीने के बच्चे:
हल्का एनीमिया: 10 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम एनीमिया: 7 – 9.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर एनीमिया: 7 ग्राम/डेसीलीटर से कम
5 से 11 वर्ष के बच्चे:
हल्का: 11 – 11.4 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम: 8 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर: 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम
12 से 14 वर्ष के बच्चे:
हल्का: 11 – 11.9 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम: 8 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर: 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम
15 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं:
हल्का: 11 – 11.9 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम: 8 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर: 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम
गर्भवती महिलाएं:
हल्का: 10 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम: 7 – 9.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर: 7 ग्राम/डेसीलीटर से कम
15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष:
हल्का: 11 – 12.9 ग्राम/डेसीलीटर
मध्यम: 8 – 10.9 ग्राम/डेसीलीटर
गंभीर: 8 ग्राम/डेसीलीटर से कम
क्या करें और क्या नहीं?
रिपोर्ट में कम स्तर देखकर कभी भी खुद से दवा शुरू न करें। एनीमिया की वजह आयरन या विटामिन की कमी, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए डॉक्टर से सलाह लें और अपने खानपान में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें और आयरन से भरपूर चीजें शामिल करें।
