BSP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बनाया नेशनल कॉर्डिनेटर, आकाश आनंद को लेकर दिए कड़े संकेत
BSP में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल: मायावती ने छोटे भतीजे ईशान आनंद को बनाया नेशनल कॉर्डिनेटर, आकाश आनंद को लेकर दिए कड़े संकेत
बहुजन समाज पार्टी (BSP) में संगठन स्तर पर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए नेशनल कॉर्डिनेटर (National Coordinator) नियुक्त किया है। इससे पहले उनके भाई आकाश आनंद इस पद पर थे। लखनऊ में आयोजित पार्टी की राष्ट्रीय बैठक के दौरान यह बड़ा फैसला लिया गया।
बैठक की मुख्य बातें और घटनाक्रम
ईशान आनंद को कमान: आकाश आनंद की जगह अब ईशान आनंद को संगठन में आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है। बैठक के दौरान ईशान आनंद ने मायावती के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
ईशान का संबोधन: आमतौर पर मायावती की बैठकों में उनके अलावा अन्य किसी के बोलने की परंपरा नहीं रही है, लेकिन इस बैठक में ईशान आनंद ने भी संबोधित किया। उन्होंने नेशनल कॉर्डिनेटर बनाए जाने पर आभार जताते हुए कहा कि वे मायावती के बताए मार्ग पर चलेंगे और कभी निराश नहीं करेंगे।
अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान: मायावती ने स्पष्ट किया है कि बहुजन समाज पार्टी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में आगामी चुनाव अकेले अपने दम पर लड़ेगी, इन राज्यों में पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। बैठक में देश भर के प्रमुख पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
आकाश आनंद को लेकर मायावती का स्पष्ट रुख
इस बदलाव के पीछे की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए मायावती ने पहले ही साफ कर दिया था कि परिवार से अब केवल ईशान आनंद को ही पार्टी में आगे बढ़ाया जाएगा, जबकि आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से दूर रखा गया है।
पारिवारिक आग्रह और उत्तराधिकार: मायावती के अनुसार, उन्होंने अपने छोटे भाई आनंद कुमार के आग्रह पर उनके बड़े बेटे आकाश आनंद को राजनीति में आगे किया था।
गंभीर आरोप और निष्कासन: शादी के बाद आकाश आनंद के रवैये, गतिविधियों और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में आने का हवाला देते हुए मायावती ने कहा कि उन्हें पार्टी से अलग करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें दोबारा पार्टी में वापस लेना संगठन के साथ विश्वासघात होगा।
भविष्य के लिए चेतावनी: मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि ईशान आनंद को जिम्मेदारी जरूर दी गई है, लेकिन यदि भविष्य में वे भी पार्टी विरोधी या अनुशासनहीन गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं, तो उन्हें भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने में संकोच नहीं किया जाएगा।
