Wednesday, September 23, 2026
राजनीति

SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आंतरिक विवाद पर राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी का तीखा हमला: ‘वोट चोरी संविधान पर सीधा हमला’

SIR प्रक्रिया और चुनाव आयोग के आंतरिक विवाद पर राहुल गांधी और अभिषेक मनु सिंघवी का तीखा हमला: ‘वोट चोरी संविधान पर सीधा हमला’

​मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा (SIR) और चुनाव आयोग (ECI) के भीतर सामने आए आंतरिक मतभेदों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयोग पर बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेसवार्ता और बयानों के जरिए गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

​राहुल गांधी की प्रतिक्रिया: ‘वोट चोरी देशद्रोह है’

​राहुल गांधी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वोट चोरी भारत के लोगों के खिलाफ एक बड़ा अपराध और हमारे संविधान पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने में भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग की मिलीभगत है, जिसे उन्होंने ‘देशद्रोह’ की श्रेणी में रखा है। राहुल गांधी ने विश्वास जताया कि इस मामले में अंततः न्याय जरूर मिलेगा।

​अभिषेक मनु सिंघवी के मुख्य आरोप और बिंदु

​कांग्रेस प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर निम्नलिखित गंभीर सवाल उठाए:

​आयुक्तों की आपत्तियों की अनदेखी: सिंघवी ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से यह स्पष्ट हो गया है कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 14 बार आयोग के फैसलों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया।

​बहुमत के नियमों का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट के 1995 के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक बहु-सदस्यीय संस्था है, लेकिन वर्तमान में मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा अकेले फैसले लिए जा रहे हैं और अन्य आयुक्तों को अंधेरे में रखा गया।

​बड़े पैमाने पर नाम काटने का दावा: सिंघवी ने आरोप लगाया कि SIR के विभिन्न चरणों के तहत अब तक देश भर में लगभग 13 करोड़ (करीब 17%) वोटरों के नाम काटे जा चुके हैं और लगभग 5 करोड़ लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म 6 में बदलाव और पश्चिम बंगाल में 16 लाख वोटरों को हटाने से जुड़ी अपीलों पर भी आंतरिक तौर पर सवाल उठाए गए थे।

​ERO के अधिकारों में कटौती: सिंघवी के अनुसार, चुनाव आयोग के पोर्टल और तकनीकी नियंत्रण के माध्यम से जमीनी स्तर के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (ERO) के कानूनी अधिकारों को सीमित किया जा रहा है।

​कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र की साख पर बड़ा खतरा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल त्यागपत्र देने की मांग की है।

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