मंडी में अफसरों पर भड़कीं सांसद कंगना रणौत: विक्रमादित्य सिंह का जवाबी हमला—’आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, कलम की स्याही काफी होती है’
मंडी में अफसरों पर भड़कीं सांसद कंगना रणौत: विक्रमादित्य सिंह का जवाबी हमला—’आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, कलम की स्याही काफी होती है’
शिमला/मंडी: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रणौत द्वारा अधिकारियों को फटकार लगाए जाने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। हिमाचल प्रदेश सरकार में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बिना नाम लिए कंगना के अधिकारियों से बातचीत और प्रशासनिक शैली पर कड़ा परोक्ष हमला बोला है।
विक्रमादित्य सिंह ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक पोस्ट साझा कर संविधान और प्रशासनिक मर्यादा की याद दिलाई है।
1. विक्रमादित्य सिंह का तीखा राजनीतिक कटाक्ष
’आवाज नहीं, फैसले बोलते हैं’: विक्रमादित्य सिंह ने अपनी पोस्ट के जरिए कहा कि जिन्हें कानून का ज्ञान और अपनी कलम की ताकत का इल्म होता है, उन्हें अपनी बात मनवाने के लिए किसी पर चिल्लाने या किसी का अपमान करने की जरूरत नहीं होती।
कलम की ताकत की याद दिलाई: उन्होंने लिखा, “आवाज ऊंची करने से आदेश सख्त नहीं बनते, बल्कि कानून की कलम की एक स्याही ही काफी होती है। प्रशासन गूंजती आवाजों और हंगामे से नहीं, बल्कि शांत और कठोर फैसलों से चलता है।”
2. ‘दिशा’ (DISHA) की बैठक से गरमाया विवाद
बैठक का माहौल: यह विवाद मंडी में आयोजित हुई ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति’ (दिशा) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद उत्पन्न हुआ।
इंटरनेट पर वायरल हुआ वीडियो: बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद कंगना रणौत द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त लहजे में फटकार लगाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था।
अधिकारियों के सम्मान पर बहस: कंगना के इस आक्रामक तेवर को लेकर जहाँ उनके समर्थक इसे जनता के काम कराने की मुस्तैदी बता रहे हैं, वहीं राज्य प्रशासनिक गलियारों और सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में इसे अधिकारियों का अपमान करार दिया जा रहा है।
