माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं तो जान लें ये जरूरी बातें, ब्रश और फ्लॉस का विकल्प नहीं
माउथवॉश इस्तेमाल करते हैं तो जान लें ये जरूरी बातें, ब्रश और फ्लॉस का विकल्प नहीं
सुबह ब्रश करने के बाद माउथवॉश का इस्तेमाल आजकल कई लोगों की रोजाना की आदत बन गया है। कुछ लोग इसका इस्तेमाल सांसों की बदबू दूर करने के लिए करते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे दांत और मसूड़े ज्यादा साफ रहते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक माउथवॉश ओरल हाइजीन में मदद जरूर कर सकता है, लेकिन यह ब्रश और फ्लॉस का विकल्प नहीं है।
माउथवॉश क्या करता है?
माउथवॉश मुंह में ताजगी देने और कुछ मामलों में सांसों की बदबू को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन दांतों की सतह पर जमा प्लाक और गंदगी को हटाने के लिए ब्रश करना जरूरी है। वहीं, दांतों के बीच फंसे भोजन और प्लाक की सफाई के लिए फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए केवल माउथवॉश करके दांतों की पूरी सफाई होने की उम्मीद करना सही नहीं है।
हर माउथवॉश हर व्यक्ति के लिए सही नहीं
बाजार में अलग-अलग जरूरतों के लिए कई तरह के माउथवॉश उपलब्ध हैं। कुछ सांसों की बदबू के लिए बनाए जाते हैं, जबकि कुछ खास मसूड़ों या दांतों से जुड़ी समस्याओं के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।
ऐसे में केवल स्वाद, विज्ञापन या ब्रांड देखकर माउथवॉश चुनने के बजाय उसकी बोतल पर दिए गए निर्देश और सामग्री की जानकारी पढ़ना जरूरी है। अगर दांतों या मसूड़ों से जुड़ी कोई समस्या है, तो डेंटिस्ट की सलाह लेना बेहतर रहता है।
ज्यादा जलन का मतलब ज्यादा असरदार नहीं
माउथवॉश इस्तेमाल करने के बाद कुछ लोगों को मुंह में तेज जलन महसूस होती है। हालांकि, ज्यादा जलन का मतलब यह नहीं है कि माउथवॉश ज्यादा प्रभावी है। कुछ उत्पादों में मौजूद अल्कोहल या फ्लेवरिंग एजेंट जलन की वजह बन सकते हैं।
अगर किसी माउथवॉश के इस्तेमाल के बाद लगातार ज्यादा जलन या असहजता महसूस हो रही है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
मुंह सूखता है तो भी सावधानी जरूरी
जिन लोगों को अक्सर मुंह सूखने की समस्या रहती है या किसी खास सामग्री से संवेदनशीलता होती है, उन्हें माउथवॉश खरीदने से पहले उसके ingredients जरूर देखने चाहिए। हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह का माउथवॉश उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है।
बदबू बार-बार लौटे तो डेंटिस्ट से कराएं जांच
अगर माउथवॉश इस्तेमाल करने के बावजूद सांसों की बदबू लगातार बनी रहती है, तो इसकी वजह केवल मुंह की ताजगी की कमी नहीं हो सकती। दांतों या मसूड़ों से जुड़ी समस्या भी इसका कारण हो सकती है।
ऐसी स्थिति में बार-बार माउथवॉश करने के बजाय �डेंटिस्ट से जांच कराना ज्यादा उचित है।
क्या है सही तरीका?
ओरल हाइजीन के लिए नियमित ब्रशिंग के साथ दांतों के बीच की सफाई पर भी ध्यान देना चाहिए। माउथवॉश को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त उपाय के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन इसे �ब्रश या फ्लॉस का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
