JPSC धांधली मामला: पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार, CID की बड़ी कार्रवाई
JPSC धांधली मामला: पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते गिरफ्तार, CID की बड़ी कार्रवाई
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर जारी भारी छात्र आंदोलन के बीच CID ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व चेयरमैन और पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। JPSC के तीन संवैधानिक सदस्यों के इस्तीफे के ठीक एक दिन बाद हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
1. गिरफ्तारी और जांच का घटनाक्रम
4 दौर की पूछताछ: 28 जुलाई से अब तक सीआईडी एल खियांग्ते से चार बार लंबी पूछताछ कर चुकी थी। 3 अगस्त को हुई 7 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
22 जुलाई को दिया था इस्तीफा: जेपीएससी कार्यालय और अन्य ठिकानों पर सीआईडी की छापेमारी के बाद एल खियांग्ते ने 22 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
अब तक 20 गिरफ्तारियां: इस बहुचर्चित परीक्षा धांधली मामले में सीआईडी द्वारा की जाने वाली कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर अब 20 हो गई है।
2. एल खियांग्ते पर लगे मुख्य आरोप
ब्लैकलिस्टेड कंपनी (TDPL) को ठेका: खियांग्ते पर आरोप है कि उन्होंने 14वीं सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं के आयोजन के लिए TSR Data Processing Limited (TDPL) को चुना, जबकि यह कंपनी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा पहले से ब्लैकलिस्टेड थी।
रिश्वत और कमीशनखोरी: TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी का दावा है कि एजेंसी को टेंडर देने के बदले 2 करोड़ रुपये और प्रत्येक भुगतान पर 20% कमीशन की मांग की गई थी।
शिकायतों की अनदेखी: फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) जैसी पिछली परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बावजूद एजेंसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
3. 14वीं JPSC पीटी परीक्षा से शुरू हुआ विवाद
परिणामों में अनिमियतता: 103 पदों के सापेक्ष 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया था। रिजल्ट के साथ कैटेगरी-वाइज कट-ऑफ जारी नहीं किए जाने पर छात्रों ने सवाल उठाए।
OMR शीट और मेरिट लिस्ट पर सवाल: पब्लिश की गई मेरिट लिस्ट पर सदस्यों के हस्ताक्षर न होने और कई उम्मीदवारों के कट-ऑफ से कम अंक होने के बावजूद पास होने के दावे सोशल मीडिया पर OMR शीट के साथ वायरल हुए।
छात्रों की मांग: आंदोलनकारी छात्र ब्लैकलिस्टेड कंपनी TDPL द्वारा आयोजित की गई सभी परीक्षाओं को पूरी तरह से रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
