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FCRA बिल 2026: रजिस्ट्रेशन खत्म होते ही संपत्ति पर तुरंत सरकारी कब्जा नहीं, जानें पूरा प्रावधान

FCRA बिल 2026: रजिस्ट्रेशन खत्म होते ही संपत्ति पर तुरंत सरकारी कब्जा नहीं, जानें पूरा प्रावधान

नई दिल्ली: Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या NGO या संस्था का FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म होते ही उसकी विदेशी फंड से बनी संपत्ति पर तुरंत सरकारी नियंत्रण लग जाएगा? जवाब है—नहीं, तुरंत स्थायी कब्जा नहीं होगा।

यह विधेयक 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था। मानसून सत्र में इसे लेकर विपक्ष और कुछ नागरिक समाज संगठनों ने विरोध किया। सरकार ने इसे अस्थायी रूप से रोक रखा था, लेकिन अब इसे 12-13 अगस्त के आसपास पारित कराने की कोशिश चल रही है। गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ प्रतिनिधिमंडलों को आश्वासन दिया है कि प्रावधान पूर्वव्यापी (retrospective) नहीं होंगे।

क्या कहता है नया प्रावधान?

पुराने FCRA 2010 में रद्दीकरण या समर्पण (surrender) पर ही विदेशी योगदान और उससे बनी संपत्ति का vesting होता था। 2026 बिल इसे और स्पष्ट व व्यापक बनाता है।

Deemed Cessation (स्वतः समाप्ति): रजिस्ट्रेशन तब भी समाप्त माना जाएगा जब

नवीनीकरण के लिए आवेदन ही न किया जाए,

आवेदन खारिज हो जाए, या

वैधता खत्म होने से पहले नवीनीकरण न हो।

Provisional Vesting (अस्थायी नियंत्रण): रद्दीकरण, समर्पण या cessation के तुरंत बाद विदेशी योगदान और उससे (या आंशिक रूप से उससे) बनी संपत्ति Designated Authority के पास अस्थायी रूप से चली जाएगी। यह प्राधिकरण संपत्ति की देखभाल, प्रबंधन और जरूरत पड़ने पर संगठन की गतिविधियों की निगरानी करेगा।

स्थायी vesting कब? अगर संगठन निर्धारित समय में नया रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण या बहाली (restoration) नहीं करवा पाता, तो संपत्ति स्थायी रूप से Designated Authority के पास चली जाएगी। तब इसे सार्वजनिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है—जैसे संबंधित सरकारी विभाग को ट्रांसफर करना या बिक्री कर आय Consolidated Fund of India में जमा करना।

वापसी का प्रावधान: अगर संगठन समय पर रजिस्ट्रेशन बहाल कर लेता है, तो बिना इस्तेमाल की गई विदेशी राशि और संपत्ति वापस मिल जाएगी।

सरकार का तर्क है कि हजारों करोड़ की संपत्ति रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद कानूनी अनिश्चितता में पड़ी रहती है। Designated Authority इसी अंतर को भरने के लिए बनाया जा रहा है। यह सिर्फ विदेशी फंड से बनी संपत्ति पर लागू होगा, पूरी संपत्ति पर नहीं। पूजा स्थलों के धार्मिक चरित्र को बनाए रखने का भी प्रावधान है।

विवाद और अपडेट

विपक्ष और कुछ संगठनों का कहना है कि यह प्रावधान सरकार को स्कूल, अस्पताल, चैरिटेबल संस्थान और पूजा स्थलों पर नियंत्रण देने का रास्ता खोल सकता है। प्रक्रियात्मक देरी से भी रजिस्ट्रेशन खत्म हो सकता है, जिससे संपत्ति प्रभावित हो सकती है।

अगस्त 2026 तक लगभग 14,400 सक्रिय FCRA रजिस्ट्रेशन हैं, जबकि 22,000 से ज्यादा रद्द और 15,000 से ज्यादा समाप्त हो चुके हैं।

संक्षेप में: रजिस्ट्रेशन खत्म होते ही तुरंत स्थायी सरकारी कब्जा नहीं होता। पहले अस्थायी नियंत्रण लगता है, और संगठन को सुधार का मौका मिलता है। स्थायी नियंत्रण तभी होता है जब बहाली न हो। बिल अभी संसद में विचाराधीन है और अंतिम रूप में कुछ बदलाव भी हो सकते हैं।

(स्रोत: PRS Legislative Research, सरकारी स्पष्टीकरण और समाचार रिपोर्ट्स)

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