झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: सरकार और छात्रों के बीच 5 घंटे की वार्ता विफल, विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: सरकार और छात्रों के बीच 5 घंटे की वार्ता विफल, विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में अनियमितताओं को लेकर छात्रों और राज्य सरकार के बीच गतिरोध गहरा गया है। तीसरे दौर की 5 घंटे चली लंबी बैठक के बाद भी सहमति नहीं बन सकी, जिसके विरोध में छात्र सोमवार (10 अगस्त 2026) को पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक ‘महासंग्राम’ मार्च निकालने जा रहे हैं।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने नई विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में BNS की धारा 163 (पुराणी धारा 144 CrPC) लागू कर दी है।
1. किन मांगों पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनी?
14वीं JPSC PT (Regular & Backlog): परीक्षा को पूरी तरह रद्द किया जाएगा।
ACF परीक्षा: इसे रद्द किया जाएगा।
FRO परीक्षा: मामले की जांच होगी, गड़बड़ी मिलने पर रद्द की जाएगी।
TDPL एजेंसी की भर्ती परीक्षाएं: एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच होगी और गलत पाए जाने पर रद्द किया जाएगा।
JSSC Reforms व जांच: JSSC में सुधार के लिए सरकार तैयार है। CID जांच के दौरान वित्तीय गड़बड़ी सामने आने पर मामला ED को सौंपा जाएगा।
2. छात्र आंदोलन और प्रमुख असहमतियां
जेएमएम (JMM) मंत्री सुदिव्य सोनू के अनुसार, सरकार ने 98% मांगें मान ली हैं, लेकिन छात्र निम्नलिखित 3 मुख्य मांगों पर अड़े हुए हैं:
JSSC-CGL परीक्षा का रद्दीकरण: सरकार का कहना है कि यह परीक्षा कोर्ट के निर्देश पर हुई थी, इसलिए इसे सीधे रद्द नहीं किया जा सकता (जरूरत पड़ने पर रिटायर्ड जज से जांच संभव)। छात्र इसे तुरंत रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
TDPL की सभी परीक्षाएं रद्द हों: छात्र इसे केवल जांच तक सीमित न रखकर सभी परीक्षाओं को तत्काल रद्द करने की मांग पर हैं।
CBI जांच की मांग: CID या न्यायिक जांच के बजाय छात्र सभी मामलों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने पर अड़े हैं।
3. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को आश्वासन देते हुए कहा:
”युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। मैं आपकी समस्याओं को समझता हूं और सभी को न्याय दिलाऊंगा।”
उन्होंने कहा कि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सरकार हर समस्या का समाधान बातचीत से निकालने के लिए तैयार है।
