भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-4’ का किया सफल परीक्षण
भारत ने ओडिशा के चांदीपुर से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-4’ का किया सफल परीक्षण
चांदीपुर (ओडिशा): भारत ने अपनी सामरिक और रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ओडिशा तट के चांदीपुर स्थित ‘इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज’ (ITR) से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 (Agni-IV) का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) के संरक्षण में किया गया, जिसने सभी तकनीकी और परिचालन मानकों को सफलता पूर्वक हासिल किया।
1. 4000°C का तापमान सहने में सक्षम हीट शील्ड
अद्वितीय तकनीक: मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘री-एंट्री हीट शील्ड’ (Re-entry Heat Shield) है।
तापमान नियंत्रण: री-एंट्री के दौरान बाहरी सतह पर लगभग 4000°C का अत्यधिक तापमान होने के बावजूद मिसाइल के अंदरूनी संवेदनशील उपकरण पूरी तरह सुरक्षित रहे और आंतरिक तापमान 50°C से नीचे बना रहा।
2. अत्याधुनिक तकनीक और अचूक सटीकता
नेविगेशन सिस्टम: अग्नि-4 में रिंग लेजर गायरो आधारित इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (RINS) और माइक्रो नेविगेशन सिस्टम (MINGS) का उपयोग किया गया है, जो इसे लक्ष्य पर बेहद कम त्रुटि (सटीक) वार करने की क्षमता प्रदान करते हैं।
ऑनबोर्ड कंप्यूटर: यह 5वीं पीढ़ी के ऑनबोर्ड कंप्यूटर और उन्नत एवियोनिक्स से लैस है। उड़ान के दौरान किसी भी बाधा की स्थिति में यह मिसाइल खुद ही अपने मार्ग में सुधार कर सकती है।
3. रणनीतिक मारक क्षमता
प्रभावी सीमा: अग्नि-4 मिसाइल 3000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम है।
सामरिक महत्व: यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक (Strategic Deterrence) क्षमता को नई मजबूती प्रदान करती है। भारतीय रक्षा बेड़े में यह अग्नि-1, अग्नि-2 और अग्नि-3 जैसी मिसाइलों के साथ शामिल है।
