संसद में गतिरोध खत्म करने की पहल: किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच बातचीत, महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा
संसद में गतिरोध खत्म करने की पहल: किरेन रिजिजू और राहुल गांधी के बीच बातचीत, महिला आरक्षण और परिसीमन पर चर्चा
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध को समाप्त करने और विधायी कामकाज को सुचारू बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। संसद भवन स्थित राहुल गांधी के कार्यालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सदन को चलाने, परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
1. बैठक के मुख्य बिंदु और सहमति की कोशिश
विपक्ष को साथ लाने की पहल: रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सरकार के पास विधेयकों को पारित कराने के लिए पर्याप्त संख्या बल है, फिर भी सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन को साथ लेकर चलना चाहती है।
राहुल गांधी का रुख: राहुल गांधी ने कहा कि वह इस विषय पर ‘इंडिया’ गठबंधन के सभी सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद ही सरकार के साथ आगे की बातचीत की रूपरेखा तय की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी: इस बैठक में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल और गौरव गोगोई भी शामिल रहे।
2. किरेन रिजिजू का वक्तव्य: “प्रतिद्वंद्वी हैं, दुश्मन नहीं”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया से बातचीत में संवाद बनाए रखने पर जोर दिया:
सकारात्मक संवाद: उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के साथ सार्थक बातचीत हुई। हम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकते हैं, लेकिन दुश्मन नहीं हैं। राष्ट्रीय हित में सभी को मिलकर काम करना चाहिए।”
संसद के नुकसान पर चिंता: रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट से सबसे ज्यादा नुकसान देश और नए निर्वाचित सांसदों का हो रहा है, जिन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल पा रहा है।
गृह मंत्री और पीएम की मौजूदगी: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री लगातार संसद में मौजूद रहकर कामकाज को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन विपक्ष बाहर जाकर नारेबाजी करने का रास्ता चुन रहा है।
3. गतिरोध और विधायी एजेंडा
सदन में लगातार हो रहे हंगामे और स्थगन के बीच सरकार परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयकों पर व्यापक सहमति बनाने का प्रयास कर रही है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष के साथ निरंतर समन्वय बनाकर बाकी बचे सत्र में कामकाज को पटरी पर लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
