अंटार्कटिका की शीत लहर की चपेट में न्यूजीलैंड: वेलिंगटन में 15 साल बाद बर्फबारी, डुनेडिन में दुनिया की सबसे खड़ी सड़क पर बनी स्कीइंग स्लोप
अंटार्कटिका की शीत लहर की चपेट में न्यूजीलैंड: वेलिंगटन में 15 साल बाद बर्फबारी, डुनेडिन में दुनिया की सबसे खड़ी सड़क पर बनी स्कीइंग स्लोप
वेलिंगटन: एक तरफ जहां यूरोप के कई देश भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे हैं, वहीं दक्षिणी गोलार्ध में स्थित ओशिनियाई देश न्यूजीलैंड अंटार्कटिका से आई जबरदस्त शीत लहर (Antarctic Cold Snap) का सामना कर रहा है। अंटार्कटिका से उठी बर्फीली हवाओं के कारण न्यूजीलैंड के बड़े हिस्से में तापमान तेजी से नीचे गिरा है और कई इलाकों में रिकॉर्ड बर्फबारी दर्ज की गई है।
1. 15 साल बाद सफ़ेद चादर में ढकी राजधानी वेलिंगटन
दुर्लभ बर्फबारी: देश की राजधानी वेलिंगटन में समुद्र तल के निचले इलाकों तक करीब 15 साल बाद बर्फबारी हुई है।
उत्साह का माहौल: इस दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य को देखने के लिए लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर वेलिंगटन के ‘विंटर वंडरलैंड’ में बदलने की तस्वीरें और वीडियो खूब साझा की जा रही हैं।
2. दुनिया की सबसे खड़ी सड़क पर स्कीइंग का रोमांच
बाल्डविन स्ट्रीट पर स्कीइंग: दक्षिणी द्वीप के प्रमुख शहर डुनेडिन में बर्फबारी के कारण स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए। यहां गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे खड़ी आवासीय सड़क के रूप में दर्ज ‘बाल्डविन स्ट्रीट’ (Baldwin Street) पर स्थानीय लोगों ने स्नोबोर्डिंग और स्कीइंग कर मौसम का लुत्फ उठाया।
क्राइस्टचर्च में भी असर: क्राइस्टचर्च के समुद्र तटों पर भी बर्फ की सफेद परत बिछ गई और तेज हवाओं व बर्फबारी के चलते क्राइस्टचर्च हवाई अड्डे पर विमानों का संचालन प्रभावित हुआ।
3. जनजीवन प्रभावित, तापमान -9°C तक गिरा
सड़कें बंद और दुर्घटनाएं: मौसम विभाग के अनुसार, कई स्थानों पर तापमान माइनस 9 डिग्री सेल्सियस (-9^\circ\text{C}) तक पहुंच गया है। सड़कों पर बर्फ जमने और फिसलन बढ़ने के कारण कई राजमार्ग (Highways) बंद कर दिए गए हैं। पुलिस ने नागरिकों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
मौसम का अलर्ट: न्यूजीलैंड की आधिकारिक मौसम एजेंसी ‘मेटसर्विस’ (MetService) ने चेतावनी जारी की है कि अस्थायी राहत के बाद गुरुवार की सुबह इस साल की सबसे ठंडी सुबह साबित हो सकती है।
पावर ग्रिड पर दबाव: कड़ाके की ठंड से निपटने के लिए हीटरों के अत्यधिक उपयोग के कारण राष्ट्रीय बिजली ग्रिड ‘ट्रांसपावर’ पर रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई है।
