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अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% का अतिरिक्त टैरिफ: कारों, शराब और डेयरी उत्पादों पर व्यापारिक तनाव गहराया

अमेरिका ने कनाडा पर लगाया 50% का अतिरिक्त टैरिफ: कारों, शराब और डेयरी उत्पादों पर व्यापारिक तनाव गहराया

​अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आने वाले सैकड़ों उत्पादों पर 50 फीसदी का भारी अतिरिक्त आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने का फैसला किया है। व्हाइट हाउस ने ओटावा पर अमेरिकी ऑटोमोबाइल, मादक पेय (अल्कोहल) और डेयरी उत्पादों के निर्यात के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। इस कदम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक तनाव चरम पर पहुंच गया है।

​राष्ट्रपति ट्रंप ने 1930 के टैरिफ एक्ट की धारा 338 का इस्तेमाल करते हुए तीन घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, ये नए शुल्क हस्ताक्षर किए जाने के 30 दिनों के भीतर लागू हो जाएंगे और ये यूएसएमसीए (USMCA) समझौते की रियायतों से अलग होंगे।

​इन उत्पादों पर पड़ेगा असर और छूट

​टैरिफ के दायरे में आए उत्पाद: वाइन, मादक पेय, हॉकी स्टिक, सीमेंट और विभिन्न कंज्यूमर गुड्स।

​इन्हें मिली छूट: ऊर्जा (एनर्जी), पोटाश, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स), मछली और सेक्शन 232 के तहत पहले से शुल्क वाले उत्पादों को इससे बाहर रखा गया है।

​व्हाइट हाउस द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप

​ऑटोमोबाइल सेक्टर को नुकसान: अमेरिकी कारों पर मनमाने शुल्क और कोटा प्रतिबंध लगाए गए। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच कनाडा द्वारा अमेरिका से वाहनों का आयात 22% (लगभग 5.6 अरब डॉलर) गिर गया, जबकि अन्य देशों से आयात बढ़ा।

​मादक पेयों पर पाबंदी: कनाडा के कई प्रांतों ने अमेरिकी शराब की बिक्री और वितरण पर कड़े प्रतिबंध लगाए, जिससे मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच अमेरिकी मादक पेयों के आयात में 81% (लगभग 582 मिलियन डॉलर) की भारी गिरावट आई।

​डेयरी उत्पादों में पक्षपात: यूएसएमसीए (USMCA) के तहत ‘चीज’ (Cheese) के लिए कनाडा का टैरिफ-रेट कोटा सिस्टम यूरोपीय संघ की तुलना में अत्यधिक कड़ा और भेदभावपूर्ण था।

​’अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडा और जवाबी कार्रवाई

​व्हाइट हाउस ने कहा कि पिछले डेढ़ सालों में अमेरिका ने 18 व्यापार समझौते पक्के किए हैं, लेकिन केवल चीन और कनाडा ही ऐसे देश रहे जिन्होंने वार्ता के बजाय ट्रंप के टैरिफ का मुकाबला जवाबी कार्रवाई से करने का विकल्प चुना।

​कनाडा की इन व्यापारिक रुकावटों के जवाब में उठाया गया यह कदम ट्रंप प्रशासन के ‘अमेरिका फर्स्ट’ आर्थिक एजेंडे का ही एक हिस्सा है।

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