उत्तराखंड

उधम सिंह नगर: फर्जी शस्त्र लाइसेंस जांच पर सिख समाज में रोष, बाजपुर में महापंचायत कर 1 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम

उधम सिंह नगर: फर्जी शस्त्र लाइसेंस जांच पर सिख समाज में रोष, बाजपुर में महापंचायत कर 1 अगस्त तक का दिया अल्टीमेटम

​उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब में रविवार को शस्त्र लाइसेंस जांच के मुद्दे को लेकर सिख समाज की एक विशाल बैठक (महापंचायत) आयोजित की गई। जिलेभर से पहुंचे समाज के लोगों और लाइसेंस धारकों ने पुलिस की हालिया कार्रवाई और कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर चेतावनी दी गई है कि यदि 1 अगस्त तक प्रशासन ने इस मामले का निष्पक्ष समाधान नहीं निकाला, तो पूरे जिले में उग्र लेकिन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू किया जाएगा।

​महापंचायत में सिख समाज की मुख्य चिंताएं और मांगें

​गलत कानूनी धाराएं लगाने का आरोप: बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाल के दिनों में जिन लाइसेंस धारकों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनमें उचित कानूनी धाराओं के स्थान पर अन्य गंभीर धाराएं लगा दी गई हैं। समाज ने मांग की कि मामलों की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो ताकि निर्दोष लोग परेशान न हों।

​देर रात पूछताछ पर आपत्ति: प्रतिनिधियों ने कहा कि पुलिस देर रात लाइसेंस धारकों के घरों पर पहुंचकर पूछताछ कर रही है, जिससे परिवारों और बच्चों में भय व असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने मांग की कि पूछताछ केवल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और उचित समय के भीतर ही की जाए।

​कार्रवाई में हो पारदर्शिता: समाज के लोगों ने स्पष्ट किया कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

​पुलिस का पक्ष: फर्जी शस्त्र लाइसेंस के खिलाफ बड़ा अभियान

​यह पूरा विवाद उधम सिंह नगर पुलिस और एसटीएफ (STF) द्वारा फर्जी शस्त्र लाइसेंसों के खिलाफ चलाए जा रहे एक बड़े अभियान के बाद शुरू हुआ है:

​भारी मात्रा में हथियार और लाइसेंस जब्त: पुलिस ने 14 जुलाई को 94 संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस अपने कब्जे में लिए थे, जिसके बाद उनसे जुड़े 119 लाइसेंसी हथियारों को विभिन्न थानों में जमा करा दिया गया है।

​अन्य राज्यों से जुड़े हैं तार (कूटरचित दस्तावेज): जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति ने प्रेस वार्ता में बताया था कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कुछ लोगों ने पंजाब, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मेघालय और बिहार जैसे राज्यों से कूटरचित (फर्जी) दस्तावेजों के जरिए शस्त्र लाइसेंस बनवाए और बाद में उन्हें उत्तराखंड ट्रांसफर करा लिया।

​सत्यापन प्रक्रिया जारी: पुलिस इन सभी लाइसेंसों का संबंधित राज्यों में भेजकर सत्यापन (Verification) करा रही है। फर्जी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

​तनाव टालने के लिए संवाद की कोशिश

​”हमारी जानकारी में सिख समाज की बैठक का मामला है। हम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार के तनाव को रोकने के लिए लोगों से सीधे संवाद और समन्वय स्थापित कर इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएंगे।”

— स्वप्न किशोर सिंह, एसपी, काशीपुर

​बैठक के अंत में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने भी शासन-प्रशासन से अपील की है कि वे समाज की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द बीच का रास्ता निकालें, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे।

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