उत्तराखंड चुनाव 2026: कांग्रेस ने कसी कमर, पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के रोडमैप पर तैयार होगा मेनिफेस्टो
उत्तराखंड चुनाव 2026: कांग्रेस ने कसी कमर, पॉलिटिकल अफेयर कमेटी के रोडमैप पर तैयार होगा मेनिफेस्टो
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव के रण को जीतने के लिए कांग्रेस पार्टी ने अपनी रणनीतियों को धार देना शुरू कर दिया है। जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पैठ बनाने के लिए पार्टी अब पॉलिटिकल अफेयर कमेटी (Political Affairs Committee) के सुझावों के आधार पर अपना चुनावी घोषणा पत्र (मेनिफेस्टो) तैयार करने जा रही है।
पार्टी की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा इस संबंध में कमेटी के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर चुकी हैं, जिसमें चुनाव को लेकर एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
स्थानीय और बुनियादी मुद्दों पर केंद्रित होगा मेनिफेस्टो
कांग्रेस की रणनीति इस बार पूरी तरह से राज्य की जनता की बुनियादी जरूरतों और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहने वाली है। चुनाव घोषणा पत्र को लेकर पार्टी के भीतर गंभीर मंथन चल रहा है।
पब्लिक सेंट्रिक घोषणा पत्र: मेनिफेस्टो में बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
भाजपा की घेराबंदी: कांग्रेस राज्य सरकार की कमियों और हालिया जन-सरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरने की बड़ी तैयारी में है।
बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की योजना
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने बताया कि चुनावी मैदान में पूरी मजबूती के साथ उतरने के लिए पार्टी एक खास स्ट्रेटजी (Strategy) पर काम कर रही है। उनका मुख्य फोकस संगठन को सबसे निचले स्तर तक री-एक्टिवेट करना है:
”पॉलिटिकल अफेयर कमेटी इस बात पर गंभीरतापूर्वक काम कर रही है कि ब्लॉक स्तर से लेकर न्याय पंचायत, ग्राम स्तर और पोलिंग बूथ तक कार्यकर्ताओं को कैसे मोटिवेट और सक्रिय किया जाए। चुनाव बेहद नजदीक हैं, इसलिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी बहुत जल्द बूथ स्तर के एजेंटों से लेकर सभी पदाधिकारियों को जरूरी और बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने जा रही है।”
एकजुटता के साथ मैदान में उतरेगी कांग्रेस
यशपाल आर्य ने दावा किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरेंगे। संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने के साथ-साथ पार्टी आलाकमान भी उत्तराखंड के इस चुनाव पर विशेष नजर बनाए हुए है। बदलाव की बयार और सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) का लाभ उठाने के लिए कांग्रेस इस बार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
