Monday, July 13, 2026
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मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार: ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, जवाब में अमेरिका ने 140 ठिकानों पर की भीषण बमबारी

मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के आसार: ईरान ने बंद किया होर्मुज स्ट्रेट, जवाब में अमेरिका ने 140 ठिकानों पर की भीषण बमबारी

​दुबई/वाशिंगटन: पिछले महीने हुए शांति समझौते के नाकाम होने के बाद मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर बेहद हिंसक दौर में पहुँच गया है। छह दिनों तक चली भीषण सैन्य तनातनी के बाद ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है।

​ईरान के इस कदम से पिछले महीने समुद्री यातायात बहाल करने और व्यापक शांति स्थापित करने के उद्देश्य से हस्ताक्षरित हुआ 60 दिवसीय संघर्ष विराम (Ceasefire) समझौता पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा रविवार को इस जलमार्ग को बंद करने की घोषणा की गई। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को खारिज करते हुए ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर कहा कि यातायात अभी भी जारी है और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का कोई पूर्ण नियंत्रण नहीं है।

अमेरिका ने ईरान के 140 सैन्य ठिकानों पर की बमबारी

​यह ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब सोमवार रात को ईरान ने ओमान के तट के करीब से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला कर दिया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शनिवार रात को ईरान द्वारा साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाकर उसे क्षतिग्रस्त करने के बाद अमेरिकी सेना ने बड़ा हवाई हमला किया।

​सेंटकॉम (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों ने ईरान की हमलावर क्षमता को ध्वस्त करने के लिए उसके 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इन ठिकानों में शामिल थे:

​मिसाइल और ड्रोन केंद्र

​नौसैनिक ठिकाने और हथियार डिपो

​संचार नेटवर्क और निगरानी केंद्र

​इस हमले में क्षतिग्रस्त हुए कंटेनर जहाज से 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय क्रू मेंबर अभी भी लापता है। भारत सरकार ने जलमार्ग में जहाजों की निर्बाध आवाजाही की अपील की है।

​ईरान का पलटवार: पड़ोसी अरब देशों में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें

​अमेरिकी बमबारी के जवाब में IRGC ने पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान का दावा है कि वह पड़ोसी अरब देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बना रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, जॉर्डन, बहरीन और ओमान से हवाई हमलों और धमाकों की खबरें सामने आई हैं।

​ओमान के बंदरगाह पर हमला

​ईरान ने ओमान के दुक्म (Duqm) बंदरगाह पर स्थित अमेरिकी विमान वाहक पोतों के रीफ्यूलिंग सेंटर्स और नौसैनिक रसद केंद्रों को नष्ट करने का दावा किया है। ओमान ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह हमला ओमान और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच सुरक्षा वार्ता के कुछ ही घंटों बाद हुआ।

​कतर के एयरबेस पर हमला

​रविवार को ईरान ने कतर में स्थित अमेरिकी अल उदेद (Al Udeid) एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का दावा किया, जिससे वहां एक लड़ाकू विमान रखरखाव केंद्र और कमांड सेंटर नष्ट हो गया। हालांकि, अमेरिका ने अभी तक इस नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

​”परमाणु बमों से भी ज्यादा कीमती है यह जलमार्ग”

​ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार मोहसेन रजाई ने सरकारी मीडिया में बयान जारी करते हुए कहा:

​”यह रणनीतिक जलमार्ग (होर्मुज स्ट्रेट) दर्जनों परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है, और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हर कीमत पर इसकी सुरक्षा और नियंत्रण बनाए रखेगा।”

​IRGC ने चेतावनी दी है कि यह जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक कि अमेरिका इस क्षेत्र में हस्तक्षेप बंद नहीं कर देता। यदि अमेरिका के हमले जारी रहे, तो क्षेत्र में स्थित अन्य अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।

​ट्रम्प और खामेनेई के बीच तीखी जुबानी जंग

​कूटनीतिक प्रयासों के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच युद्ध भड़काने वाले बयान सामने आए हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अपने पहले लिखित संदेश में अपने पिता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि ईरान ने उन व्यक्तियों की एक लिस्ट तैयार की है जिन्हें निशाना बनाया जाना है।

​इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने ‘ट्रुथ सोशल’ प्लेटफॉर्म पर सख्त चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर ईरान ने उन्हें या अमेरिकी प्रशासन के किसी भी अधिकारी को नुकसान पहुँचाने या उनकी हत्या की कोशिश की, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह मिटा देगा। ट्रम्प ने दावा किया कि वर्तमान में 1,000 अमेरिकी मिसाइलें ईरान पर पूरी तरह से लॉक (aimed) हैं और आदेश मिलते ही हजारों और मिसाइलें तबाही मचाने के लिए तैयार हैं.

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