फूलों की घाटी में पर्यटकों का रिकॉर्ड आगमन: 40 दिनों में 10 हजार पार, पिछले साल से दोगुनी हुई आमद
फूलों की घाटी में पर्यटकों का रिकॉर्ड आगमन: 40 दिनों में 10 हजार पार, पिछले साल से दोगुनी हुई आमद
यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर ‘फूलों की घाटी’ (वैली ऑफ फ्लावर्स) राष्ट्रीय पार्क में इस वर्ष पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद दर्ज की जा रही है। 1 जून 2026 को सीजन शुरू होने के मात्र 40 दिनों के भीतर ही घाटी का दीदार करने वाले सैलानियों की संख्या 10 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग दोगुने पर्यटक यहां पहुंचे हैं, जिससे पार्क प्रशासन के राजस्व के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी बड़ा लाभ मिला है।
उत्तराखंड के चमोली जनपद की उच्च हिमालयी भ्यूंडार घाटी में स्थित यह नेशनल पार्क इन दिनों दुर्लभ अल्पाइन हिमालई पुष्पों की रंगत से गुलजार है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह घाटी इस सीजन में पहली पसंद बनी हुई है।
सैलानियों के आंकड़े और रिकॉर्ड कमाई (1 जून से 10 जुलाई 2026)
इस वर्ष की स्थिति (2026): 40 दिनों के भीतर कुल 10,185 सैलानी घाटी पहुंचे। इनमें 10,141 भारतीय और 44 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। इससे पार्क प्रशासन को अब तक रिकॉर्ड ₹18,49,550 (18.49 लाख से अधिक) का रेवेन्यू प्राप्त हुआ है।
पिछले वर्ष की स्थिति: पिछले साल 10 जुलाई तक महज 5,172 सैलानी (5,075 भारतीय और 97 विदेशी) ही पहुंचे थे, जिससे पार्क को ₹10,47,800 की आय हुई थी। इस तरह इस बार पर्यटकों की संख्या और कमाई दोनों लगभग दोगुनी हो चुकी है।
जुलाई और अगस्त में रहता है पीक सीजन
नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान की रेंज ऑफिसर चेतना कांडपाल के अनुसार, जुलाई और अगस्त का महीना घाटी में फ्लावरिंग (फूलों के खिलने) का पीक सीजन होता है। इस दौरान दुर्लभ प्रजाति के फूलों को देखने के लिए पर्यटकों का दबाव काफी बढ़ जाता है। सैलानियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्क प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और वन्यजीव कर्मियों द्वारा निरंतर गश्त की जा रही है ताकि प्राकृतिक संपदा को नुकसान न पहुंचे और यात्रा सुरक्षित रहे।
