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16वां भारत-जापान वार्षिक समिट: जापानी मीडिया ने द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को सराहा

16वां भारत-जापान वार्षिक समिट: जापानी मीडिया ने द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को सराहा

​नई दिल्ली: नई दिल्ली में आयोजित हुए 16वें भारत-जापान वार्षिक समिट की कई प्रमुख जापानी अखबारों और मीडिया आउटलेट्स ने बेहद सकारात्मक कवरेज की है। इस कवरेज में दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में लगातार हो रही तरक्की पर विशेष जोर दिया गया है। यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी जापानी समकक्ष साने ताकाइची के बीच गुरुवार को हुई 90 मिनट की गहन बातचीत के बाद संपन्न हुआ, जिसमें दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की।

​’द जापान टाइम्स’: चीन से तनाव के बीच भारत एक आकर्षक साझेदार

​’द जापान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, सप्लाई चेन के मुद्दों, ऊर्जा सुरक्षा और चीन के बढ़ते क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने भारत के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

​रिपोर्ट में कहा गया:

​“टोक्यो के लिए यह समिट ऐसे समय में हो रहा है जब चीन द्वारा आर्थिक प्रभाव के इस्तेमाल को लेकर बीजिंग के साथ तनाव बढ़ रहा है। इसमें डुअल-यूज (नागरिक और सैन्य दोनों इस्तेमाल वाले) सामानों से जुड़े हालिया एक्सपोर्ट कंट्रोल उपाय और जापानी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करना शामिल है। ताकाइची सरकार के लिए सप्लाई चेन में मजबूती को एक डिप्लोमैटिक प्राथमिकता के तौर पर देखते हुए, भारत अपने बड़े बाजार, बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग बेस और तकनीकी श्रमिकों के बड़े पूल के कारण एक आकर्षक साझेदार बन गया है।”

​’क्योडो न्यूज’: हिंद-प्रशांत क्षेत्र और आर्थिक सुरक्षा पर जोर

​’क्योडो न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इलाके में चीन के बढ़ते सैन्य और आर्थिक प्रभाव के बीच, जापान भारत को एक ‘आजाद और खुले हिंद-प्रशांत’ (Free and Open Indo-Pacific) को आगे बढ़ाने में एक अनिवार्य साझेदार मानता है।

​चीन-जापान तनाव: रिपोर्ट में बताया गया कि जनवरी से चीन ने जापान जाने वाले डुअल-यूज आइटम्स और जरूरी रेयर अर्थ्स (दुर्लभ खनिजों) के शिपमेंट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है, जिससे संबंध खराब हैं।

​आर्थिक सुरक्षा: पीएम ताकाइची और पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट और चीन के घटनाक्रमों के जवाब में ऊर्जा और जरूरी मिनरल्स की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है।

​रक्षा क्षेत्र में बड़ा समझौता: ‘यूनिकॉर्न’ एंटीना का होगा ट्रांसफर

​’द जापान न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा रक्षा समझौता किया है। इसके तहत जापान भारत को यूनिकॉर्न (UNICORN) कम्युनिकेशन एंटेना एक्सपोर्ट करेगा। ये आधुनिक एंटेना वर्तमान में जापानी मैरीटाइम सेल्फ-डिफेंस फोर्स के मोगामी-क्लास डिस्ट्रॉयर (विध्वंसक जहाजों) पर लगे हुए हैं।

​जापान विदेश मंत्रालय की आधिकारिक घोषणा और आगामी “2+2” वार्ता

​जापान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सुरक्षा सहयोग को लेकर साझा प्रतिबद्धता दोहराई है। इसके तहत निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रगति की जाएगी:

​हिंद महासागर में नौसैनिक ट्रेनिंग को और गहरा करना।

​नौसेना के जहाजों के रखरखाव (सस्टेनमेंट) में सहयोग को बढ़ावा देना।

​’मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा उपकरणों और तकनीकों का संयुक्त विकास।

​बातचीत के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा, “भारत एक भरोसेमंद साझेदार है जिसके साथ हमारा रणनीतिक दृष्टिकोण साझा है। हम अपने संबंध को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।” इस रणनीतिक सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए दोनों नेताओं ने अपने संबंधित विभागों को इस साल के अंदर ही अगली जापान-भारत “2+2” विदेश और रक्षा मंत्री स्तरीय वार्ता आयोजित करने का निर्देश दिया है।

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