उत्तराखंड में आसमानी आफत: धनोल्टी में भारी बारिश के बाद बाजार में घुसा मलबा; हाईवे जाम होने से कैबिनेट मंत्री और विधायक फंसे
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर आम जनजीवन के साथ-साथ वीआईपी (VIP) मूवमेंट की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा दिया है। टिहरी जिले के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र धनोल्टी में शुक्रवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। अचानक आई इस तेज बारिश के बाद पहाड़ों से बहा पानी और भारी मात्रा में मलबा बिलौंदी पुल बाजार की कई दुकानों और रिहायशी घरों में घुस गया। इसी दौरान, नगुण-भवान-देहरादून स्टेट हाईवे पर मलबा आने के कारण मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया, जिससे प्रदेश के एक कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक का काफिला भी करीब एक घंटे से अधिक समय तक बीच रास्ते में फंसा रहा।
अचानक बढ़ी अलगाड़ नदी, दुकानों में भरा पानी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, धनोल्टी तहसील के अंतर्गत आने वाले नौघर गांव और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय अचानक बादलों की कड़कड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस तेज बारिश के कारण स्थानीय अलगाड़ नदी का जलस्तर अचानक बेहद बढ़ गया। देखते ही देखते पहाड़ी से भारी बोल्डर और कीचड़युक्त मलबा बहकर नीचे आ गया।
मौके पर पहुंचे राजस्व उपनिरीक्षक (पटवारी) अंबुज चौधरी ने बताया कि दोपहर बाद करीब 3 से 4 बजे के बीच इस प्राकृतिक आपदा ने रूप लिया। उपजिलाधिकारी (SDM) नीलू चावला ने पुष्टि की कि बिलौंदी पुल के पास स्थित लगभग 10 दुकानों और कुछ घरों में पानी और मलबा घुसने से व्यापारियों को काफी नुकसान पहुंचा है।
एक घंटे तक जाम में फंसे रहे कैबिनेट मंत्री और विधायक
हाईवे पर भारी मात्रा में कीचड़ और बोल्डर जमा हो जाने के कारण नगुण-भवान-देहरादून मार्ग पर गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थम गए। इसी जाम में उत्तरकाशी जिले का आधिकारिक दौरा संपन्न कर देहरादून लौट रहे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी और उनके साथ मौजूद धनोल्टी के क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार की गाड़ियां भी फंस गईं। वीआईपी का काफिला होने के बावजूद रास्ता पूरी तरह ब्लॉक होने के कारण मंत्री और विधायक को लगभग एक घंटे से ज्यादा समय तक बीच सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा।
जेसीबी (JCB) मशीनों से साफ कराया गया रास्ता
हाईवे बंद होने और सूबे के कैबिनेट मंत्री के फंसे होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें तुरंत हरकत में आईं। मौके पर आनन-फानन में जेसीबी मशीनें भेजी गईं। मलबे को सड़क से हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मलबे को साफ कर यातायात को सुचारू किया जा सका, जिसके बाद मंत्री और विधायक का काफिला देहरादून के लिए रवाना हुआ। प्रशासन ने पहाड़ी मार्गों पर यात्रा कर रहे अन्य तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को भी अलर्ट रहने की सलाह दी है।
