मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव: UAE ने अपने नागरिकों के लिए ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव: UAE ने अपने नागरिकों के लिए ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर लगाया प्रतिबंध
दुबई | एजेंसियां
मध्य पूर्व (Middle East) में गहराते सुरक्षा संकट और युद्ध की आहट के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सरकार ने एक बड़ा कूटनीतिक और सुरक्षात्मक कदम उठाया है। विदेश मंत्रालय (MoFA) ने तत्काल प्रभाव से अपने नागरिकों के लिए ईरान, इराक और लेबनान की यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। मंत्रालय ने इन देशों में मौजूद अमीराती नागरिकों को बिना विलंब किए स्वदेश लौटने का सख्त निर्देश जारी किया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और युद्ध का खतरा
यूएई के विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय वर्तमान क्षेत्रीय घटनाक्रम और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गौरतलब है कि ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते सीधे टकराव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। सरकारी बयान में कहा गया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने और अपने नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह प्रतिबंध अनिवार्य था।
ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर खतरा एक मुख्य चिंता
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पिछले कुछ समय में हुए उन हमलों के बाद लिया गया है जिनमें ईरान ने कथित तौर पर यूएई के नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचों (Energy Infrastructure) को निशाना बनाया था। इन घटनाओं के बाद से ही दोनों देशों के बीच हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं।
’जल्द से जल्द छोड़ें देश’ – सरकार की सख्त हिदायत
यूएई की सरकारी समाचार एजेंसी ‘डब्ल्यूएएम’ (WAM) के मुताबिक, मंत्रालय ने केवल नई यात्राओं पर रोक ही नहीं लगाई है, बल्कि इन तीनों देशों में रह रहे अमीराती नागरिकों के लिए ‘एडवाइजरी’ भी जारी की है।
तत्काल वापसी: नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और जल्द से जल्द इन क्षेत्रों से बाहर निकलें।
इमरजेंसी संपर्क: सरकार ने विदेशों में फंसे अपने नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं।
लेबनान और इराक में भी अस्थिरता का साया
ईरान के साथ-साथ लेबनान और इराक को भी इस प्रतिबंध के दायरे में रखा गया है क्योंकि इन देशों में जारी आंतरिक अस्थिरता और सशस्त्र समूहों की सक्रियता यूएई के नागरिकों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है। यह आदेश अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा।
