योग गुरु की ‘नकली’ माया: सूरत में घर के अंदर छप रहे थे ₹500 के नोट; अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने फॉर्च्यूनर से बरामद किए करोड़ों
सूरत के एक ‘योग गुरु’ के हाथों में माला की जगह नकली नोटों के बंडल देख पुलिस भी दंग रह गई। आध्यात्मिक शांति और रोगों के इलाज का दावा करने वाले इस शख्स ने रातोंरात अमीर बनने के चक्कर में अपने घर को ही ‘मिनी नासिक प्रेस’ बना डाला था।
योग गुरु की ‘नकली’ माया: सूरत में घर के अंदर छप रहे थे ₹500 के नोट; अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने फॉर्च्यूनर से बरामद किए करोड़ों
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक गुप्त सूचना के आधार पर एक लग्जरी फॉर्च्यूनर कार (GJ-05-RS-5252) को रोककर गुजरात के सबसे बड़े नकली नोट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को काले बैग और सफेद थैलों में भरे 500-500 रुपये के नकली नोटों के 440 बंडल मिले। नकदी इतनी ज्यादा थी कि पुलिस को गिनती के लिए बैंक से मशीनें मंगवानी पड़ीं।
मुख्य आरोपी: सेवा की आड़ में सट्टेबाजी का खेल
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड सूरत के कामरेज स्थित ‘श्री सत्यम योग फाउंडेशन’ का संचालक प्रदीप जोटंगिया निकला।
* मुखौटा: प्रदीप योग कक्षाओं के जरिए असाध्य रोगों को दूर करने का दावा करता था और एक एनजीओ चलाता था।
* हकीकत: आर्थिक तंगी और अपनी संस्था के विस्तार के लिए उसने जमीन दलाल मुकेश ठुम्मर के साथ मिलकर नकली नोट छापने का शॉर्टकट अपनाया।
कैसे चलता था ‘नकली नोटों का कारखाना’?
पुलिस जांच में पता चला कि सूरत के सरथाणा स्थित कृष्णा रो-हाउस के एक दो मंजिला मकान में पिछले 3 महीनों से यह काम चल रहा था।
* हाई-टेक सेटअप: आरोपी मुकेश ठुम्मर ने पहली मंजिल पर किराएदार रखे हुए थे, ताकि किसी को शक न हो, जबकि खुद के हिस्से में कलर प्रिंटर, कटर मशीन और विशेष लिक्विड लगा रखा था।
* चीन से कनेक्शन: नोट छापने के लिए चीन से विशेष कागज मंगवाए गए थे, जो छूने और देखने में बिल्कुल असली भारतीय मुद्रा जैसे लगते थे।
* टीम वर्क: इस गिरोह में कुल 7 लोग शामिल थे, जिनमें आरती बेन नाम की महिला भी सक्रिय भूमिका निभा रही थी। टीम का काम कागज की व्यवस्था से लेकर बाजार में ग्राहक ढूंढने तक बंटा हुआ था।
पुलिसिया कार्रवाई और बरामदगी
अहमदाबाद में कार पकड़े जाने के बाद पुलिस ने जब सूरत के सरथाणा में छापेमारी की, तो वहां से भी भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ:
* नकदी: सूरत के घर से ₹28 लाख के नकली नोट (28 बंडल)।
* उपकरण: हाई-क्वालिटी कलर प्रिंटर, 8 रीम विशेष कागज और प्रिंटिंग लिक्विड।
* गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी प्रदीप और मुकेश समेत कुल 7 आरोपी सलाखों के पीछे हैं।
जांच का दायरा: हीरा बाजार और जमीन दलाली
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि पिछले 3 महीनों में इस गिरोह ने बाजार में कितनी नकली मुद्रा खपा दी है। चूंकि आरोपी जमीन दलाली और हीरा उद्योग से जुड़े हैं, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि बड़े लेन-देन में इन नोटों का इस्तेमाल हुआ होगा।
चेतावनी: पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ₹500 के नोट लेते समय उनके सुरक्षा फीचर्स (जैसे वॉटरमार्क और सिक्योरिटी थ्रेड) की जांच जरूर करें, क्योंकि ये नकली नोट पहली नजर में असली जैसे ही दिखाई देते हैं।
