जंग के बीच UAE के फुजैराह से सुरक्षित निकला भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’, लाखों बैरल क्रूड ऑयल लेकर भारत आ रहा!
जंग के बीच UAE के फुजैराह से सुरक्षित निकला भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’, लाखों बैरल क्रूड ऑयल लेकर भारत आ रहा!
मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही भीषण जंग के बीच राहत की बड़ी खबर आई है। भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर जग लाडकी (Jag Ladki) संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पोर्ट से सुरक्षित रूप से निकल गया है। जहाज पर हमले के दौरान कच्चा तेल लोडिंग चल रही थी, लेकिन क्रू मेंबर्स और जहाज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
शिपिंग मंत्रालय और अधिकारिक सूत्रों के अनुसार:
14 मार्च 2026 को फुजैराह सिंगल पॉइंट मूरिंग (SPM) पर लोडिंग के दौरान तेल टर्मिनल पर हमला हुआ।
हमले के बावजूद जग लाडकी ने लोडिंग पूरी की और रविवार (15 मार्च) सुबह 10:30 बजे फुजैराह से रवाना हो गया।
यह जहाज अब होर्मुज स्ट्रेट की ओर बढ़ रहा है, जहां से भारत की तरफ आएगा।
जग लाडकी एक VLCC (Very Large Crude Carrier) क्लास का टैंकर है, जो लाखों बैरल क्रूड ऑयल कैरी करने में सक्षम है। हालांकि सटीक मात्रा की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन ऐसे टैंकर आमतौर पर 2-3 लाख मीट्रिक टन (लगभग 15-20 लाख बैरल) तक क्रूड लोड कर सकते हैं। यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश की आधी से ज्यादा क्रूड इम्पोर्ट्स इसी रूट से आती हैं।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब:
ईरान ने कई टैंकरों पर हमले किए हैं, और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी प्रभावित है।
कई भारतीय झंडे वाले जहाज (करीब 24-28) अभी भी फंसे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों भारतीय नाविक हैं।
हाल ही में UAE के फुजैराह में तेल टर्मिनल पर हमले से तेल की कीमतें और बढ़ी हैं, और भारत में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है।
शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल और विदेश मंत्रालय भारतीय क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटी हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में भारतीय नौसेना के जहाजों द्वारा एस्कॉर्ट की बात भी कही जा रही है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
यह सुरक्षित निकासी भारत के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि युद्ध के कारण क्रूड सप्लाई चेन बाधित हो रही है। अगर जग लाडकी सुरक्षित भारत पहुंच गया, तो यह होर्मुज रूट से आने वाला एक महत्वपूर्ण क्रूड शिपमेंट होगा। स्थिति नजर रखी जा रही है – तेल की कीमतों में उछाल और संभावित कमी से बचाव के लिए सरकार अलर्ट पर है।
