महायुति के घोषणापत्र में महिलाओं पर जोर, मुंबई को ‘रोहिंग्या मुक्त’ बनाने का वादा! फडणवीस, शिंदे और मिलिंद देवरा ने क्या कहा?
महायुति के घोषणापत्र में महिलाओं पर जोर, मुंबई को ‘रोहिंग्या मुक्त’ बनाने का वादा! फडणवीस, शिंदे और मिलिंद देवरा ने क्या कहा?
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026 (खासकर BMC चुनाव) के लिए महायुति (BJP, शिवसेना-शिंदे गुट, RPI) ने आज अपना घोषणापत्र (वचननामा) जारी किया। इसमें महिलाओं को लुभाने के लिए कई बड़े वादे किए गए हैं, साथ ही मुंबई को रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त करने, समंदर की सफाई और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने हिस्सा लिया और एक सुर में कहा कि यह “वादों का पुलिंदा” नहीं, बल्कि विकसित मुंबई का रोडमैप है।
घोषणापत्र के मुख्य बिंदु
महिलाओं के लिए: BEST बसों में 50% किराया छूट, लाड़ली बहन योजना के तहत ₹5 लाख तक ब्याज-मुक्त कर्ज (स्वरोजगार के लिए), और महिलाओं को AI/कोडिंग ट्रेनिंग।
मुंबई की सुरक्षा: मुंबई को रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों से मुक्त करने के लिए IIT के साथ AI टूल विकसित किया जाएगा, डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे।
परिवहन: BEST बसों की संख्या 5,000 से बढ़ाकर 10,000 करेगी, इलेक्ट्रिक वाहनों पर फोकस।
पर्यावरण: समंदर और नदियों की सफाई के लिए मास्टर प्लान, नालों का गंदा पानी सीधे समंदर में नहीं गिरेगा।
अन्य: मराठी माणूस और संस्कृति का संरक्षण, किफायती हाउसिंग, पॉटहोल-फ्री मुंबई, मेट्रो नेटवर्क पूरा करना, और झुग्गी-झोपड़ी मुक्त मुंबई।
नेताओं ने क्या कहा?
देवेंद्र फडणवीस (मुख्यमंत्री): “मुंबई को बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं से मुक्त किया जाएगा। AI टूल से घुसपैठियों की पहचान होगी। समंदर की सफाई का मास्टर प्लान तैयार है। यह घोषणापत्र मुंबई को इंटरनेशनल लेवल का शहर बनाने का रोडमैप है। हम AI को हर स्कीम में जोड़कर पारदर्शिता लाएंगे।”
एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री): “यह वचननामा मुंबईकरों के दैनंदिन जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उन्हें राहत देगा। हम मराठी माणूस, मराठी भाषा और संस्कृति की रक्षा करेंगे। पिछले 3.5 सालों में हमने मुंबई को ग्रोथ इंजन बनाया है। यह विकास मराठियों के लिए है – हम 30-35 लाख घर बनाएंगे, मुंबई को पॉटहोल-फ्री बनाएंगे।”
मिलिंद देवरा (राज्यसभा सांसद): कार्यक्रम में मौजूद देवरा ने घोषणापत्र को मुंबई के विकास का ब्लूप्रिंट बताया। उन्होंने कहा कि यह वादे सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतरेंगे। (उनके स्पेसिफिक कोट्स में महिलाओं की सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर रहा।)
यह घोषणापत्र महायुति की रणनीति को दर्शाता है – महिलाओं, मराठी अस्मिता और सख्त घुसपैठ नीति पर फोकस। विपक्ष (शिवसेना-UBT और MNS) ने इसे “घोटालों का पुलिंदा” कहा है। BMC चुनावों में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ये वादे कितने वोटरों को लुभा पाते हैं!
