ईरान और वेनेजुएला पर अमेरिका की नई पाबंदियां: ड्रोन और मिसाइल ट्रेड को लेकर लगाए गए ताज़ा प्रतिबंध
ईरान और वेनेजुएला पर अमेरिका की नई पाबंदियां: ड्रोन और मिसाइल ट्रेड को लेकर लगाए गए ताज़ा प्रतिबंध
वॉशिंगटन, 31 दिसंबर 2025: नए साल की पूर्व संध्या पर अमेरिका ने ईरान और वेनेजुएला पर कड़ा शिकंजा कसा है। ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को 10 व्यक्तियों और कंपनियों पर नए प्रतिबंध लगाए, जो ईरान के ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम में शामिल हैं। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार, ये प्रतिबंध ईरान के अनमैंड एरियल व्हीकल्स (UAV यानी ड्रोन) की वेनेजुएला को बिक्री और मिसाइल संबंधी सामग्री की खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए हैं। यह कदम ट्रंप की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति का हिस्सा है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों और लाल सागर में शिपिंग को खतरा बता रही है।
किन पर लगे प्रतिबंध?
ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने वेनेजुएला की कंपनी Empresa Aeronautica Nacional SA (EANSA) और उसके चेयरमैन Jose Jesus Urdaneta Gonzalez को टारगेट किया। आरोप है कि EANSA ईरान की Qods Aviation Industries (जो पहले से प्रतिबंधित है) से Mohajer-सीरीज ड्रोन्स की असेंबली और मेंटेनेंस करती है। इन ड्रोन्स की बिक्री से लाखों डॉलर का ट्रेड हुआ है। Urdaneta ने वेनेजुएला और ईरानी आर्म्ड फोर्सेस के साथ मिलकर UAV प्रोडक्शन कोऑर्डिनेट किया।
ईरान से जुड़े टारगेट्स:
तीन ईरानी व्यक्ति, जो बैलिस्टिक मिसाइल्स के लिए केमिकल्स (जैसे अमोनियम पर्क्लोरेट) खरीदने में शामिल।
Rayan Fan Group से जुड़ी ईरान-बेस्ड कंपनियां और व्यक्ति, जो ड्रोन कंपोनेंट्स और सॉफ्टवेयर बनाती हैं।
ट्रेजरी अंडरसेक्रेटरी जॉन के. हर्ले ने कहा, “ईरान और वेनेजुएला को घातक हथियारों के आक्रामक प्रसार के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हम ईरान के मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को अमेरिकी फाइनेंशियल सिस्टम से वंचित करने के लिए तेज कार्रवाई जारी रखेंगे।”
क्यों लगाए गए ये प्रतिबंध?
यह एक्शन सितंबर 2025 में यूएन सिक्योरिटी काउंसिल की ईरान पर फिर से लगी पाबंदियों का सपोर्ट करता है। अमेरिका का दावा है कि ईरान के ड्रोन और मिसाइल प्रोग्राम मध्य पूर्व में अमेरिकी और सहयोगी सैनिकों को खतरा हैं, साथ ही लाल सागर में कमर्शियल शिपिंग को अस्थिर कर रहे हैं। वेनेजुएला को हथियार सप्लाई वेस्टर्न हेमिस्फियर में अमेरिकी हितों के लिए खतरा है।
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाया है – ऑयल टैंकर जब्ती, मिलिट्री बिल्डअप और ड्रग ट्रैफिकिंग साइट्स पर स्ट्राइक्स। ईरान पर भी ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर मिसाइल या न्यूक्लियर प्रोग्राम रीबिल्ड किया तो “पावरफुल कॉन्सीक्वेंस” होंगे।
असर और आगे क्या?
ये प्रतिबंध टारगेटेड व्यक्तियों/कंपनियों की अमेरिकी एसेट्स फ्रीज कर देंगे और अमेरिकी नागरिकों/कंपनियों को उनके साथ ट्रांजैक्शन करने से रोकेंगे। ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम में इनकी पहुंच सीमित हो जाएगी। यह पिछले महीनों के प्रतिबंधों (अक्टूबर-नवंबर) का है, जहां एशिया और मिडिल ईस्ट की दर्जनों एंटिटीज़ को टारगेट किया गया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इसे “दमनकारी आक्रमण” बताया और कड़ा जवाब देने की धमकी दी। वेनेजुएला ने भी इसे “पाइरेसी” करार दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की यह नीति दोनों देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाएगी, लेकिन क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ा सकती है। नए साल में और सख्त कदमों की उम्मीद है।
