Thursday, March 12, 2026
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यूपी में BJP का सबसे कमजोर दुर्ग दुरुस्त होगा? पंकज चौधरी के ब्रज दौरे के सियासी मायने

यूपी में BJP का सबसे कमजोर दुर्ग दुरुस्त होगा? पंकज चौधरी के ब्रज दौरे के सियासी मायने

लखनऊ, 29 दिसंबर 2025: उत्तर प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पद संभालते ही 2027 विधानसभा चुनाव के लिए ‘मिशन मोड’ शुरू कर दिया है। कुर्मी समाज से आने वाले चौधरी ने अपनी पहली बड़ी यात्रा ब्रज क्षेत्र (मथुरा) से शुरू की, जहां बांके बिहारी के दर्शन किए। इसके बाद गाजियाबाद होते हुए मेरठ पहुंचे, जहां भव्य स्वागत हुआ। यह कदम बीजेपी के लिए सबसे कमजोर माने जाने वाले पश्चिमी यूपी (वेस्ट यूपी) को साधने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को यूपी में सबसे बड़ा झटका पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लगा। जाट बहुल सीटों पर पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, किसान आंदोलन और जातीय समीकरण बिगड़े। ब्रज और रोहिलखंड क्षेत्र में भी वोट शेयर घटा। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वांचल से आने वाले चौधरी (महाराजगंज सांसद) की नियुक्ति से पार्टी का फोकस पूर्वी यूपी पर मजबूत हुआ, लेकिन क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया। सीएम योगी आदित्यनाथ भी गोरखपुर से हैं, ऐसे में सत्ता और संगठन दोनों पर पूर्वांचल का दबदबा दिख रहा है।

चौधरी का ब्रज से दौरा शुरू करना इसी असंतुलन को दुरुस्त करने का संदेश है। मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और ब्रज संस्कृति का सहारा लेकर हिंदुत्व वोट को मजबूत करने की कोशिश। मेरठ पहुंचकर जाट और मुस्लिम बहुल इलाकों में संदेश दिया कि पश्चिम को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, चौधरी जल्द ही सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और बागपत जैसे क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

पंकज चौधरी की नियुक्ति मुख्य रूप से ओबीसी (खासकर गैर-यादव) वोट बैंक को साधने के लिए हुई। कुर्मी समाज का पूर्वांचल से बुंदेलखंड तक प्रभाव है। सपा के PDA फॉर्मूले की काट के तौर पर यह दांव खेला गया। लेकिन अब पश्चिमी यूपी में जाट, गुर्जर और दलित वोटों को वापस लाना बड़ी चुनौती है। ब्राह्मणों में भी असंतोष की खबरें हैं, जिस पर चौधरी ने सख्ती दिखाई है।

बीजेपी के लिए 2027 में हैट्रिक लगाना आसान नहीं। लोकसभा हार के बाद संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी चौधरी पर है। उनका यह ‘ब्रज दांव’ बताता है कि पार्टी कमजोर किले को मजबूत करने में जुटी है। क्या यह रणनीति कामयाब होगी? आने वाले महीने बताएंगे।

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