जावेद हबीब पर यूपी में 32 FIR: करोड़ों के क्रिप्टो घोटाले का आरोप, लुकआउट नोटिस जारी
जावेद हबीब पर यूपी में 32 FIR: करोड़ों के क्रिप्टो घोटाले का आरोप, लुकआउट नोटिस जारी
देश के मशहूर हेयरस्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोस हबीब पर उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये के क्रिप्टो घोटाले का गंभीर आरोप लगा है। संभल जिले के राय सत्ती थाने में उनके खिलाफ कुल 32 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जो निवेशकों को 50-60% मुनाफे का लालच देकर ठगने का मामला है। पुलिस ने जावेद हबीब, उनके बेटे और सहयोगी सईफुल हसन समेत परिवार के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है, ताकि वे देश छोड़कर भाग न सकें। इस घोटाले का अनुमानित नुकसान 5-7 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, जो सैकड़ों निवेशकों को प्रभावित कर चुका है।
घोटाले का खुलासा तब हुआ जब संभल जिले के निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि जावेद हबीब ने अपनी कंपनी ‘फॉलिकल ग्लोबल कंपनी (FLC)’ के नाम पर बिटकॉइन निवेश स्कीम चलाई। 24 अगस्त 2023 को सरायतारीन के रॉयल पैलेस में एक मीटिंग आयोजित की गई, जहां हबीब ने खुद उपस्थित होकर निवेशकों को आकर्षित किया। उन्होंने दावा किया कि हर निवेश पर 50-70% रिटर्न मिलेगा और किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। प्रत्येक निवेशक से 5-7 लाख रुपये लिए गए, लेकिन वादे पूरे न होने पर लोग ठगे महसूस करने लगे। पीड़ितों का कहना है कि शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न दिए गए ताकि विश्वास कायम रहे, लेकिन बाद में संपर्क कट गया।
पुलिस ने बताया कि यह एक संगठित गिरोह की तरह संचालित हो रहा था। जावेद हबीब के बेटे अनोस और सहयोगी सईफुल ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई। संभल के एसएसपी ने कहा, “हमने 32 शिकायतों पर FIR दर्ज की हैं। जांच में पता चला कि यह पोंजी स्कीम जैसा था, जहां नए निवेशकों के पैसे पुराने को चुकाने में इस्तेमाल होते थे।” 15 अक्टूबर को यूपी पुलिस की टीम ने जावेद हबीब के दक्षिण-पूर्व दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित घर पर छापा मारा, लेकिन वे और उनका परिवार वहां नहीं मिले। हबीब के वकील ने इनकार किया है और कहा कि क्लाइंट स्वास्थ्य कारणों से पूछताछ में शामिल नहीं हो सके। पुलिस ने नॉन-बेलेबल वारंट जारी करने की चेतावनी दी है।
यह मामला जावेद हबीब की चमकती सलोन चेन को कलंकित कर रहा है। वे बॉलीवुड सितारों के पसंदीदा स्टाइलिस्ट रहे हैं और उनकी ब्रांड वैल्यू करोड़ों में है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्रिप्टो घोटालों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहां सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का फायदा उठाया जाता है।
पुलिस ने जांच के लिए एसआईटी गठित की है और बैंकों के ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड खंगाल रही है। यदि आरोप साबित हुए, तो यह भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो फ्रॉड में से एक साबित हो सकता है। फिलहाल, हबीब का फरार होना जांच को जटिल बना रहा है। पीड़ितों ने न्याय की मांग की है, जबकि हबीब पक्ष ने सफाई देने का वादा किया है। क्या यह सलोन स्टार का पतन है? आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
