दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: PM मोदी की डिग्री नहीं होगी सार्वजनिक, CIC के आदेश को किया खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: PM मोदी की डिग्री नहीं होगी सार्वजनिक, CIC के आदेश को किया खारिज
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार (25 अगस्त 2025) को एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रेजुएशन डिग्री का विवरण सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया था। जस्टिस संजीव सचदेव की एकल पीठ ने कहा कि PM की डिग्री से संबंधित जानकारी व्यक्तिगत है और इसे सार्वजनिक करना गोपनीयता का उल्लंघन होगा।
मामला 2016 का है, जब RTI कार्यकर्ता अरविंद गोयल ने PM मोदी की 1978 की BA डिग्री और 1983 की MA डिग्री का विवरण मांगा था। CIC ने 2023 में DU को यह जानकारी सार्वजनिक करने का आदेश दिया था, जिसे DU ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। DU ने तर्क दिया कि यह जानकारी RTI अधिनियम की धारा 8(1)(e) के तहत गोपनीय है, क्योंकि यह विश्वविद्यालय और छात्र के बीच विश्वास का मामला है।
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, “PM की डिग्री का विवरण व्यक्तिगत जानकारी है, और इसे सार्वजनिक करने का कोई बड़ा जनहित नहीं है।” कोर्ट ने यह भी माना कि ऐसी जानकारी का दुरुपयोग हो सकता है। फैसले के बाद BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने X पर लिखा, “PM की डिग्री पर सवाल उठाने वाले अब जवाब दें। यह विपक्ष की साजिश थी, जो नाकाम रही।”
विपक्षी नेताओं ने फैसले पर नाराजगी जताई। AAP नेता संजय सिंह ने कहा, “यह जनता का अधिकार है कि उसे अपने PM की शैक्षणिक योग्यता पता हो। कोर्ट का फैसला निराशाजनक है।” इस बीच, सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जहां कुछ लोग इसे गोपनीयता का मामला मान रहे हैं, तो कुछ इसे पारदर्शिता की कमी बता रहे हैं।
