अरुणाचल में बांध के विरोध ने पकड़ा हिंसक मोड़, NHPC दफ्तर और थाने में आगजनी; CM पेमा खांडू बोले- बातचीत को तैयार सरकार
अरुणाचल प्रदेश: 11,200 मेगावाट की सियांग हाइड्रो-प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध ने लिया हिंसक रूप; NHPC दफ्तर, थाना और BJP नेताओं के घरों में आगजनी व तोड़फोड़
अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की ‘सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना’ (SUMP) के विरोध में जारी प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया है। ईस्ट सियांग जिले में उपद्रवियों ने नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC) के कार्यालय और एक पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया। इस हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिसके बाद मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने लोगों से शांति बनाए रखने की कड़ा अपील की है।
हिंसा और तोड़फोड़ की मुख्य घटनाएं:
सरकारी संपत्तियों पर हमला: पासीघाट के ऊपरी इलाके में स्थित NHPC के कार्यालय और एक स्थानीय पुलिस थाने को उपद्रवियों ने फूंक दिया। पथराव और हिंसा में पासीघाट के डीएसपी टोनी तताक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।
नेताओं के आवासों में लूटपाट व तोड़फोड़: हिंसक भीड़ ने बीजेपी की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक कलिंग मोयोंग, पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग और विधायक ओनी पन्यांग के आवासों में जमकर तोड़फोड़, लूटपाट व चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
आदि बाने केबांग दफ्तर पर हमला: आदि जनजाति की सर्वोच्च संस्था ‘आदि बाने केबांग’ के पासीघाट स्थित दफ्तर में भी उपद्रवियों ने तोड़फोड़ की।
150-200 उपद्रवियों का दस्ता: पुलिस के अनुसार, मेबो इलाके से आए 150 से 200 हिंसक प्रदर्शनकारी धारदार हथियारों, लाठियों और गुलेल से लैस थे। उन्होंने बैरिकेड तोड़े, पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बावजूद देर रात 3:30 बजे तक उपद्रव मचाया।
बंद के बाद भड़की हिंसा:
सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में जलविद्युत परियोजना के विरोध में 12 घंटे का बंद बुलाया गया था। दिन के समय बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा (हालांकि सियांग जिले में झड़पों के बाद पुलिस को आंसू गैस छोड़नी पड़ी थी)। लेकिन शुक्रवार रात करीब 11 बजे बंद समाप्त होने के बाद पासीघाट में अचानक हिंसा भड़क उठी।
मुख्यमंत्री पेमा खांडू का बयान और बातचीत की पेशकश:
कानून के दायरे में हो विरोध: मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और हिंसक आगजनी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा और सरकारी संपत्तियों का नुकसान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संवाद के दरवाजे खुले: बिजली परियोजना से जुड़ी स्थानीय समुदायों की आशंकाओं पर सीएम खांडू ने दोहराया कि राज्य सरकार सभी संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने प्रतिनिधियों को ईटानगर, पासीघाट या उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी स्थान पर बैठक करने का प्रस्ताव दिया ताकि परियोजना के लाभ और नुकसान पर पारदर्शी बातचीत हो सके।

