उत्तराखंड: पहाड़ों में सड़क निर्माण हुआ आसान, स्टाम्प मामलों के लिए ओटीएस योजना मंजूर
उत्तराखंड: पहाड़ों में सड़क निर्माण हुआ आसान, स्टाम्प मामलों के लिए ओटीएस योजना मंजूर
उत्तराखंड की धामी सरकार ने राज्य में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण से लेकर शिक्षा, वित्त और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
1. पहाड़ों में सड़क निर्माण के नियमों में बड़ी छूट
अब उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़कें बनाना न केवल आसान होगा, बल्कि इसमें लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
एक बार में मिलेगी मंजूरी: कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को बड़ी राहत देते हुए सड़क निर्माण के नियमों में संशोधन किया है। अब पहाड़ के कटान और सुरक्षात्मक कार्यों (जैसे सुरक्षा दीवार, पुलिया, नालियां आदि) के लिए अलग-अलग अनुमतियां नहीं लेनी होंगी।
समय की बचत: पहले चरण-1 में केवल कटान की अनुमति मिलती थी और सुरक्षा कार्यों के लिए दोबारा मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे दोहरा समय लगता था। अब एक ही बार में दोनों कामों के लिए मंजूरी मिल जाएगी।
2. स्टाम्प मामलों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना
राज्य के विभिन्न न्यायालयों में स्टाम्प से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है।
वर्तमान में ऐसे 3,600 मामले लंबित हैं।
इस योजना के लागू होने से जहां एक ओर आम नागरिकों और पक्षकारों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।
3. निजी विश्वविद्यालयों और शिक्षा ढांचे में बदलाव
नया विधेयक: सरकार विधानसभा में ‘उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026’ लाने जा रही है।
नए विश्वविद्यालयों को मंजूरी: रुड़की के ‘आरोग्यम विश्वविद्यालय’ और ‘बीएसएम विश्वविद्यालय’ को निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी गई है। साथ ही, उत्तरकाशी के ‘मंजीरा देवी विश्वविद्यालय’ और देहरादून के ‘आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय’ के संचालन से जुड़े नियमावली प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
डायट (DIET) का नया ढांचा: राज्य के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत प्रत्येक डायट में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 कर दी गई है, लेकिन अब हर डायट में ‘उप प्राचार्य’ की तैनाती भी हो सकेगी।
4. मिड-डे मील और अन्य प्रमुख फैसले
सेंट्रलाइज्ड किचन: पीएम पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर (यूएसनगर) जिलों में ‘अන්නमृता फाउंडेशन’ को केंद्रीकृत किचन (Centrally Kitchen) स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय: कैबिनेट ने सिविल विधि संशोधन विधेयक, मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट (2019-22), जीएसटी संशोधन अध्यादेश को विधेयक के रूप में लाने, यूएसनगर स्थित आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय के उच्चीकरण और उरेडा (UREDA) के कनिष्ठ अभियंताओं के वेतनमान को उच्चीकृत करने जैसे कई अन्य प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई है।

