अखिलेश यादव का रामपुर दौरा: सीतापुर जेल में आजम खान से की मुलाकात, कहा— ‘आजम थे, हैं और रहेंगे’
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा: सीतापुर जेल में आजम खान से की मुलाकात, कहा— ‘आजम थे, हैं और रहेंगे’
रामपुर / लखनऊ:
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर पहुंचे, जहां उन्होंने सीतापुर जेल में बंद पार्टी के संस्थापक सदस्य और वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए अखिलेश यादव ने आजम खान के राजनीतिक कद और महत्व को लेकर बड़ा संकेत दिया। हाल के दिनों में उठ रहे उन सवालों पर विराम लगाते हुए कि सपा आजम खान के बचाव में खुलकर सामने क्यों नहीं आ रही है, अखिलेश ने दो टूक कहा— “आजम थे, हैं और रहेंगे।”
”झूठे मुकदमे लादे गए, सच्चाई सामने आएगी”
मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजम खान और उनके परिवार पर जितने फर्जी और झूठे मुकदमे लादे गए हैं, उतने शायद ही किसी अन्य परिवार पर हुए हों।
न्याय की उम्मीद: अखिलेश ने भरोसा जताया कि भले ही न्याय मिलने में वक्त लग रहा हो, लेकिन एक दिन सच जरूर सामने आएगा।
सीटों और उम्मीदवारों पर चर्चा: जब उनसे यह पूछा गया कि क्या रामपुर विधानसभा सीट को लेकर आजम खान से कोई चर्चा हुई, तो उन्होंने जवाब दिया कि उनकी सभी 403 सीटों पर बात हुई है। उन्होंने कहा कि अभी से यह बताना जल्दबाजी होगी कि रामपुर सीट से किसे चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। आजम खान ने कोई विशेष सीट नहीं मांगी है, अलबत्ता उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जरूर दिए हैं।
जौहर यूनिवर्सिटी और सरकार पर तीखा हमला
अखिलेश यादव ने राज्य सरकार की नीतियों और शिक्षा-स्वास्थ्य व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया:
मौलाना जौहर अली यूनिवर्सिटी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने सामाजिक न्याय के प्रतीकों और संस्थाओं को निशाना बनाया है, जिसके तहत ही मौलाना जौहर अली के नाम पर बनी यूनिवर्सिटी को बंद करने की कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था: तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में हजारों स्कूल बंद कर दिए गए हैं और अस्पतालों के हालात ऐसे हैं कि वहां मरीजों के बजाय ‘सांड’ घूम रहे हैं, यानी अस्पतालों को खुद इलाज की जरूरत है।
पीडीए (PDA) का मुद्दा: अखिलेश ने दोहराया कि राज्य में सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनने जा रही है और जनता इस सत्ता को बदलने का मन बना चुकी है। उन्होंने ‘आबादी के अनुपात में आरक्षण’ की मांग को भी दोहराया।
राजनीतिक मायने और ओवैसी की सक्रियता
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अखिलेश यादव का यह रामपुर दौरा और आजम खान परिवार से यह मुलाकात बेहद रणनीतिक मानी जा रही है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस इलाके में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM की बढ़ती सक्रियता और मुस्लिम मतदाताओं के बीच सुगबुगाहट को देखते हुए सपा प्रमुख का यह कदम डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
इस दौरान अखिलेश ने आजम खान के समर्थकों और उनके परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की, जिससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि समाजवादी पार्टी संकट के इस समय में पूरी मजबूती के साथ अपने वरिष्ठ नेता के साथ खड़ी है।

