ताइवान की ओर बढ़ रहा शक्तिशाली तूफान चांपी, 213 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
ताइवान की ओर बढ़ रहा शक्तिशाली तूफान चांपी, 213 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
प्रशांत महासागर से उठा शक्तिशाली तूफान चांपी ताइवान के करीब पहुंच रहा है। तूफान की तीव्रता में कुछ कमी जरूर आई है, लेकिन अभी भी तेज हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि चांपी के कारण ताइवान के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जिससे बाढ़ और भूस्खलन का जोखिम बढ़ सकता है।
अमेरिका के जॉइंट टाइफून वॉर्निंग सेंटर के मुताबिक, चांपी जापान के ओकिनावा से लगभग 713 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इसके शुक्रवार देर रात से शनिवार तक उत्तरी ताइवान के सबसे करीब पहुंचने का अनुमान है। तूफान की हवाओं की रफ्तार करीब 213 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है, जबकि यह बढ़कर 227 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में लगभग 20 फीट ऊंची लहरें उठने की आशंका भी जताई गई है।
इस सीजन का 10वां सुपर टाइफून बना चांपी
हांगकांग ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, चांपी उत्तर-पश्चिमी प्रशांत महासागर में इस सीजन का ऐसा 10वां तूफान है, जो सुपर टाइफून की ताकत तक पहुंचा। यह संख्या लंबे समय के औसत से लगभग दोगुनी बताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार और वायुमंडलीय दबाव के आधार पर चांपी इस साल के शक्तिशाली तूफानों में शामिल है। एटमॉस्फेरिक G2 के मौसम विभाग के निदेशक जेम्स कैरन ने इसके पीछे अल नीनो की भूमिका बताई है।
उनके मुताबिक, अल नीनो के दौरान तूफान अपेक्षाकृत पूर्वी हिस्सों में बन सकते हैं। इससे उन्हें गर्म समुद्री पानी के ऊपर अधिक समय बिताने और ताकत हासिल करने का मौका मिलता है।
अल नीनो से बढ़ रही तूफानों की ताकत?
पूर्वी एशिया इस साल कई शक्तिशाली तूफानों का सामना कर रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अल नीनो की परिस्थितियां समुद्र के तापमान और वायुमंडलीय स्थितियों को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे कुछ तूफानों को मजबूत होने के लिए अनुकूल माहौल मिलता है।
साल 2015 में भी अल नीनो के दौरान उत्तर-पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में सुपर टाइफून की संख्या काफी अधिक रही थी। इस बार चांपी की तीव्रता ने एक बार फिर क्षेत्र में मौसम संबंधी जोखिमों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
ताइवान पर सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका
चांपी का सबसे ज्यादा प्रभाव ताइवान पर पड़ने की आशंका है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। ताइवान के अधिकारी मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों, कार्यालयों और वित्तीय बाजारों को बंद रखने पर फैसला कर सकते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार सुबह तक कम से कम 125 उड़ानें रद्द की जा चुकी थीं। तूफान के आगे बढ़ने के साथ उड़ानों और अन्य परिवहन सेवाओं पर असर बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
चांपी के सप्ताहांत में चीन के पूर्वी तट के करीब से गुजरने और उसके बाद जापान के क्यूशू क्षेत्र की ओर बढ़ने का अनुमान है।
तूफान के रास्ते को लेकर अभी भी अनिश्चितता
मौसम विभागों के पूर्वानुमानों में चांपी के रास्ते को लेकर पूरी स्पष्टता नहीं है। कुछ अनुमान बताते हैं कि तूफान ताइवान के तट के करीब से गुजर सकता है, जबकि कुछ मॉडल उत्तरी ताइवान में इसके सीधे पहुंचने की संभावना जता रहे हैं।
जेम्स कैरन के मुताबिक, अगले 24 घंटों में इसके रास्ते को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है। हालांकि, तूफान के सीधे जमीन से टकराने की स्थिति बने या नहीं, भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
ग्रेटर ताइपे में 457 मिलीमीटर बारिश की आशंका
चांपी से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता उत्तरी और उत्तर-पूर्वी ताइवान में भारी बारिश को लेकर है। अक्टूबर के अंत में इस क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी मानसून सक्रिय रहता है। तूफान के करीब आने से समुद्र से नमी खिंचकर द्वीप की ओर पहुंच सकती है।
इसके चलते ग्रेटर ताइपे क्षेत्र में 457 मिलीमीटर यानी करीब 18 इंच तक बारिश होने की आशंका जताई गई है। इतनी भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
चीन के तटीय इलाकों में भी अलर्ट
चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, सप्ताहांत में शंघाई और झेजियांग प्रांत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। झेजियांग और फुजियान के तटीय क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
फिलहाल, मौसम एजेंसियां तूफान की दिशा, हवा की रफ्तार और बारिश की तीव्रता पर नजर बनाए हुए हैं। चांपी का वास्तविक रास्ता अगले कुछ घंटों में स्पष्ट होने की उम्मीद है, लेकिन ताइवान और चीन के तटीय इलाकों के लिए भारी बारिश और बाढ़ का खतरा गंभीर बना हुआ है।

