कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक का हरिद्वार दौरा: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भाजपा सरकार को घेरा, सीबीआई जांच पर उठाए सवाल
कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक का हरिद्वार दौरा: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भाजपा सरकार को घेरा, सीबीआई जांच पर उठाए सवाल
हरिद्वार:
कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को हरिद्वार के देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में एक उच्चस्तरीय प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस संवेदनशील मामले में आरोपियों और कथित ‘वीआईपी’ को बचाने का प्रयास कर रही है, और कांग्रेस पार्टी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक कड़ा संघर्ष करेगी।
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरेगी कांग्रेस
प्रेस वार्ता के दौरान रागिनी नायक ने भाजपा सरकार को बेहद संवेदनहीन करार देते हुए कहा कि घटना लंबा समय बीत जाने के बाद भी अंकिता के परिवार को वास्तविक न्याय नहीं मिल पाया है।
कथित ‘वीआईपी’ पर गंभीर आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले से जुड़े कथित वीआईपी को बचाने के लिए उसे संवैधानिक पद पर सुशोभित किया गया है, ताकि वह कानून और जांच के दायरे से पूरी तरह बाहर रह सके।
सीबीआई जांच की निष्पक्षता पर सवाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि जांच में स्पष्ट नाम लेने के बजाय ‘अज्ञात वीआईपी’ के खिलाफ प्रक्रिया चलाई जा रही है, जो मामले को रफा-दफा करने की सोची-समझी साजिश है।
राहुल गांधी का पत्र और दिल्ली का धरना: रागिनी नायक ने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस संबंध में देश की महामहिम राष्ट्रपति को पत्र भी लिखा है। उन्होंने याद दिलाया कि जब अंकिता के माता-पिता दिल्ली में धरने पर बैठे थे, तो राहुल गांधी के साथ वह खुद वहां मौजूद थीं, लेकिन दमनकारी रवैया अपनाते हुए पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया था। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक अंकिता को न्याय नहीं मिल जाता, कांग्रेस का यह संघर्ष जारी रहेगा।
एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राजनीतिक मुद्दों को उठाते हुए रागिनी नायक ने हालिया एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी कड़े सवाल खड़े किए:
वोट चोरी का आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ की जा रही है और इसके तीसरे चरण में कथित तौर पर 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को तुरंत निरस्त करने की मांग की।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग: रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के साथ मिलकर सोची-समझी रणनीति के तहत लोगों के वोट कटवा रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, भाजपा प्रवक्ता बचाव में उतर आते हैं।
अंत में उन्होंने दावा किया कि मौजूदा राजनैतिक और सामाजिक माहौल को देखते हुए आने वाले समय में उत्तराखंड में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा।

