Wednesday, October 21, 2026
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हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर दिखा सूखा: दशहरा के बाद वार्षिक बंदी और सफाई कार्यों के चलते गंगा जल विहीन, शाम तक पानी बहाने का दावा

हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर दिखा सूखा: दशहरा के बाद वार्षिक बंदी और सफाई कार्यों के चलते गंगा जल विहीन, शाम तक पानी बहाने का दावा

​हरिद्वार:

​हरिद्वार की पवित्र हरकी पैड़ी पर बुधवार सुबह एक हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला, जहां गंगा धारा में पानी न होने के कारण वह पूरी तरह जल विहीन नजर आई। पानी न होने के कारण सुबह स्नान और धार्मिक अनुष्ठान के लिए दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं को भारी मायूसी का सामना करना पड़ा। स्थिति यह थी कि अस्थि विसर्जन और अन्य कर्मकांड भी काफी हद तक प्रभावित हुए।

​रोजाना जहां सुबह से ही गंगा में डुबकी लगाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, वहीं बुधवार को लोग सूखी पड़ी नदी की तलहटी में सिक्के, सोना और चांदी तलाशते हुए नजर आए।

​क्या है गंगा बंदी की वजह?

​वार्षिक सफाई और कुंभ कार्य: परंपरा के अनुसार, हर साल दशहरा के बाद गंगा की विशेष सफाई और मरम्मत के लिए बंदी की जाती है। इसके अलावा, आगामी कुंभ मेलों के मद्देनजर होने वाले विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए हरकी पैड़ी क्षेत्र को जल विहीन किया गया है।

​200 क्यूसेक पानी का प्रावधान: नियमों और अनुबंध के मुताबिक, बंदी के दौरान भी हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की आस्था और स्नान को ध्यान में रखते हुए कम से कम 200 क्यूसेक जल रखना अनिवार्य है, लेकिन बुधवार सुबह जल स्तर पूरी तरह गायब दिखा।

​शाम की आरती से पहले पानी बहाल करने का दावा

​स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग हरकत में आया है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने स्पष्ट किया था कि नहर में पानी की निकासी मुख्य रूप से बंद होने के बावजूद भागीरथी बिंदु से हरकी पैड़ी तक जल पहुंचाया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर भीमगोड़ा बैराज के लिंक चैनल का गेट भी खोला जाएगा। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शाम की भव्य गंगा आरती से पहले हरकी पैड़ी पर पर्याप्त जल उपलब्ध करा दिया जाएगा।

​18 दिनों के लिए गंगनहर भी बंद

​हरिद्वार में ऊपरी खंड गंगनहर को मंगलवार मध्यरात्रि से मरम्मत और रखरखाव के कार्यों के चलते 18 दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

​कब खुलेगी नहर: नहर में पानी की निकासी दोबारा सात और आठ नवंबर की मध्यरात्रि को दीपावली के पावन अवसर पर शुरू की जाएगी।

​जरूरी कार्य: इस 18 दिन की बंदी अवधि के दौरान नहर की पटरियों की सफाई, सिल्ट (गाद) हटाने, पुलों, सिंचाई नालों की मरम्मत और कुंभ मेले के मद्देनजर नए घाटों व पुलों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे।

​यूपी और दिल्ली-एनसीआर में जल संकट की आशंका

​गंगनहर के लंबे समय तक बंद रहने से उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के कई इलाकों में जलापूर्ति और कृषि सिंचाई पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है।

​प्रभावित क्षेत्र: मेरठ, मोदीनगर, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली के कुछ हिस्सों समेत 15 से अधिक जिलों में खेतों की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता कम हो सकती है।

​विकल्प: इस दौरान पेयजल की आवश्यकता को पूरा करने के लिए स्थानीय प्रशासन और किसानों को पूरी तरह से रेनीवेल्स (Rainy Wells) और ट्यूबवेलों पर निर्भर रहना होगा।

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