देश भर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा: दिल्ली में कॉक्रोच के पुतले का दहन बना आकर्षण, श्रीनगर से लेकर मध्य प्रदेश तक दिखी अनोखी परंपराएं
देश भर में धूमधाम से मनाया गया दशहरा: दिल्ली में कॉक्रोच के पुतले का दहन बना आकर्षण, श्रीनगर से लेकर मध्य प्रदेश तक दिखी अनोखी परंपराएं
नई दिल्ली / देश के विभिन्न राज्य:
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पावन पर्व विजयादशमी (दशहरा) देश भर में पूरी आस्था, उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जहां पारंपरिक रूप से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया, वहीं देश के विभिन्न हिस्सों में कुछ अनूठे और खास आयोजन भी देखने को मिले।
1. दिल्ली (नेताजी सुभाष प्लेस और पीतमपुरा): कॉक्रोच के पुतले का अनोखा दहन
दिल्ली के नेताजी सुभाष प्लेस और पीतमपुरा क्षेत्र में केशव रामलीला समिति द्वारा इस वर्ष का दशहरा उत्सव बेहद चर्चा का विषय रहा।
कॉक्रोच का पुतला: यहां रावण के पारंपरिक पुतले के साथ-साथ 30 फुट ऊंचे कॉक्रोच के पुतले का भी दहन किया गया, जो इस साल के समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र रहा।
2. देश के अन्य प्रमुख शहरों में रावण दहन और खास आयोजन
लखनऊ (उत्तर प्रदेश): यहां रामलीला मैदान में 75 फुट ऊंचा हाई-टेक रावण तैयार किया गया था, जिसमें यांत्रिक (Mechanical) उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस पुतले के माध्यम से राष्ट्रविरोधी, सनातन विरोधी तत्वों और तथाकथित बौद्धिक नक्सलवाद के खिलाफ संदेश देने का प्रयास किया गया।
अयोध्या (उत्तर प्रदेश): राजेंद्र निवास रामलीला समिति द्वारा 32 फुट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था। इस बार गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए इन पुतलों को बनाने की जिम्मेदारी मुस्लिम कारीगरों को सौंपी गई थी।
देहरादून और काशीपुर (उत्तराखंड): राजधानी देहरादून के हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शिरकत की। वहीं, काशीपुर में 55 फुट ऊंचे रावण और 50 फुट ऊंचे कुंभकर्ण के पुतलों का दहन कर भव्य आतिशबाजी की गई।
श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर): इस वर्ष श्रीनगर का दशहरा समारोह ऐतिहासिक रहा, जहां पहली बार बड़े पैमाने पर आयोजन के तहत रामलीला मैदान में 50 फुट ऊंचे रावण, 45 फुट ऊंचे कुंभकर्ण और 35 फुट ऊंचे मेघनाद के पुतले का दहन किया गया।
रांची (झारखंड): मोरहाबादी मैदान में पंजाबी हिंदू बिरादरी की ओर से पारंपरिक रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य रूप से शामिल हुए। यहां 70 फुट ऊंचे रावण, 65 फुट कुंभकर्ण और 60 फुट मेघनाथ के पुतले जलाए गए।
3. मध्य प्रदेश का अनोखा गांव: जहां रावण दहन नहीं, होती है पूजा
देशभर में जहां रावण के पुतले जलाए जाते हैं, वहीं मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के भाटखेड़ी (रावण वाली) गांव की परंपरा बिल्कुल अलग है।
यहां ग्रामीण रावण और कुंभकर्ण के पुतलों को जलाने के बजाय उनकी विधिवत पूजा करते हैं।
ग्रामीणों की गहरी आस्था है कि रावण उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाते हैं। दशहरे के दिन राम-लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले कलाकार भाले से इन प्रतिमाओं का स्पर्श करते हैं और ग्रामीण अपने परिवार की समृद्धि की कामना करते हैं।

