सीएम धामी ने देहरादून में दशहरा महोत्सव में किया प्रतिभाग: परेड ग्राउंड और हिंदू नेशनल कॉलेज में रावण दहन कर दी प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं
सीएम धामी ने देहरादून में दशहरा महोत्सव में किया प्रतिभाग: परेड ग्राउंड और हिंदू नेशनल कॉलेज में रावण दहन कर दी प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं
देहरादून:
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजयादशमी (दशहरा) के पावन अवसर पर राजधानी देहरादून में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में उत्साह के साथ शिरकत की। इस दौरान उन्होंने परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी द्वारा आयोजित भव्य दशहरा महोत्सव और हिंदू नेशनल कॉलेज में लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित दशहरा मेले में भाग लिया तथा रावण दहन कर बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया।
1. परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी के दशहरा महोत्सव में संबोधन
परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनके साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे।
सत्य और धर्म की विजय: मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विजयादशमी का पर्व हमें सत्य की शक्ति और धर्म की महत्ता का स्मरण कराता है। रावण के पास अपार संपत्ति और विशाल सेना थी, लेकिन अहंकार और मर्यादा का उल्लंघन उसके पतन का कारण बना। भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, संयम, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा के ऐसे आदर्श प्रस्तुत करता है जो आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं।
आत्ममंथन का अवसर: सीएम ने कहा कि दशहरा केवल पुतले के दहन का नाम नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार, क्रोध और लोभ का त्याग करने का आत्ममंथन अवसर है।
कड़े कदम और सुशासन: राज्य सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से क्षतिपूर्ति वसूलने के लिए सख्त दंगारोधी कानून लागू किया गया है। इसके अलावा नकल विरोधी कानून के जरिए पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
2. हिंदू नेशनल कॉलेज में रावण दहन
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लक्ष्मण चौक वेलफेयर सोसाइटी द्वारा हिंदू नेशनल कॉलेज में आयोजित दशहरा मेला एवं रावण दहन कार्यक्रम में शिरकत की।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: यहां जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और पौराणिक प्रसंगों से जोड़ने का काम करते हैं।
कर्तव्यनिष्ठा का संदेश: उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में सद्भाव, सुरक्षा तथा नैतिक मूल्यों को मजबूत बनाने का संकल्प लें।

