केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार: बोले- “राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं नशे का कारोबार, तीन परिवारों से मिलकर हुआ गहरा आघात”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब सरकार पर कड़ा प्रहार: बोले- “राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं नशे का कारोबार, तीन परिवारों से मिलकर हुआ गहरा आघात”
चंडीगढ़:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य में पैर पसार चुके नशे के कारोबार को लेकर ‘आप’ (आम आदमी पार्टी) सरकार पर तीखा और आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के बिना नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी खेपें पंजाब के गांवों और युवाओं तक पहुंचना असंभव है।
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गुरदासपुर, संगरूर और मानसा जिलों का दौरा कर नशे के खिलाफ आवाज उठाकर अपनी जान गंवाने वाले तीन कार्यकर्ताओं (विक्रमजीत सिंह, गुलजार सिंह और परविंदर सिंह झोटा) के शोकाकुल परिवारों से मिलने के बाद गृह मंत्री भावुक नजर आए।
गहरा आघात: अमित शाह ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से लगातार सांसद व विधायक के रूप में जनता की सेवा कर रहे हैं और कई दुखद मामलों में परिवारों से मिले हैं, लेकिन इन तीन पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद उन्हें जितना मानसिक आघात और दुख हुआ, उतना पहले कभी महसूस नहीं हुआ था।
जमीनी हकीकत: उन्होंने कहा कि जब वह उन परिवारों से मिलने गए, तो वहां आसपास के ऐसे सैकड़ों लोग भी मौजूद थे जो ‘चिट्टा’ (ड्रग्स) के कारोबार से बुरी तरह त्रस्त हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की जो भयानक स्थिति जमीन पर देखने को मिली, वह दिल्ली तक पहुंचने वाली रिपोर्टों से कहीं अधिक भयावह और चिंताजनक है।
गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर सफाई और पंजाब सरकार से सवाल
विपक्ष द्वारा ड्रग्स के मामलों में गुजरात के बंदरगाहों का नाम लिए जाने के संदर्भ में गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की सख्त एजेंसियों ने गुजरात और महाराष्ट्र के बंदरगाहों पर अब तक 20,000 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया, “क्या इसका मतलब यह होना चाहिए कि इन नशीले पदार्थों को जब्त ही न किया जाए? केंद्र सरकार ने तस्करी रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।”
इसके साथ ही उन्होंने सवाल दागा कि बंदरगाहों पर भारी मात्रा में खेप पकड़े जाने के बावजूद आखिर वह कौन सा जरिया है जिसके जरिए छोटी-छोटी खेपें पंजाब के युवाओं और लड़के-लड़कियों तक धड़ल्ले से पहुंच रही हैं? उन्होंने जोर देकर कहा कि बिना राजनीतिक मिलीभगत और संरक्षण के ऐसा हो ही नहीं सकता।
आप सरकार के वादों और बहानों पर निशाना
वादे बनाम हकीकत: शाह ने याद दिलाया कि ‘आप’ सरकार ने सत्ता में आने से पहले महज तीन महीने के भीतर पंजाब से नशे का कारोबार पूरी तरह खत्म करने का वादा किया था, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी यह जहर और अधिक तेजी से फैल रहा है। सरकार को इन परिवारों को जवाब देना चाहिए कि उनके पास इन मौतों का क्या उत्तर है?
राजनीतिक एजेंडे पर सफाई: अपने दौरे की आलोचना करने वालों को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “मैं शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देने आया था, मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद मुझे अपशब्द कहे गए और गालियां दी गईं। मुझे गाली देने से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन कम से कम पंजाब से ‘चिट्टे’ का यह नासूर तो खत्म कीजिए।”
पुलिस और प्रशासन पर सवाल: गृह मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां पुलिसकर्मियों के पास से ही 10 से 12 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब की सत्ता चला रहे नेताओं को इस बदतर स्थिति पर शर्म आनी चाहिए।
पीआईटी-एनडीपीएस कानून (PIT-NDPS Act) पर उठाए सवाल
नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए बने विशेष निवारक हिरासत कानून (PIT-NDPS Act) का जिक्र करते हुए अमित शाह ने आंकड़े सामने रखे:
देश भर में पिछले एक वर्ष के भीतर इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर पंजाब सरकार से पूछा कि जब राज्य में नशे की समस्या सबसे गंभीर रूप में है, तो पंजाब में इस सख्त कानून के तहत अब तक एक भी व्यक्ति को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? सरकार को इस नाकामी का जवाब पंजाब की जनता को देना चाहिए।

