लखनऊ का चर्चित शिवा हत्याकांड: मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे समेत तीन 50 हजार के इनामी आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, डीसीपी पर भी गिरी थी गाज
लखनऊ का चर्चित शिवा हत्याकांड: मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे समेत तीन 50 हजार के इनामी आरोपी नागपुर से गिरफ्तार, डीसीपी पर भी गिरी थी गाज
लखनऊ:
राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में चर्चित शिवा हत्याकांड में उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने इस सनसनीखेज मामले की मुख्य आरोपी और फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे, उसके चालक दानिश और रश्मि दुबे को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों आरोपियों पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
नागपुर से ऐसे हुई गिरफ्तारी
फरार चल रहे थे आरोपी: घटना के बाद से ही श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपी लगातार पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए फरार चल रहे थे।
एसटीएफ की कार्रवाई: यूपी एसटीएफ ने मंगलवार को लखनऊ पुलिस और नागपुर स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक विशेष ऑपरेशन के तहत तीनों इनामी आरोपियों को नागपुर से धर दबोचा।
लखनऊ वापसी: गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को नियमानुसार आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उनसे पूछताछ कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मामले की पृष्ठभूमि और पुलिस महकमे में फेरबदल
क्या था मामला: लखनऊ के हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर को मृतका की मां/वादिनी रंजना शर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस की शुरुआती कार्यशैली और गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे।
बड़ी प्रशासनिक गाज: इस हत्याकांड में लापरवाही और पुलिस की लचर कार्यशैली के चलते सोमवार को पुलिस महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया था। डीसीपी विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था, जबकि एसीपी रजनीश वर्मा को हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके अलावा हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह को भी लाइन हाजिर किया गया था।
श्रद्धा दुबे का दावा: “हत्या नहीं, आत्महत्या थी”
गिरफ्तारी से पहले फरार चल रही मॉडल श्रद्धा दुबे ने मीडिया से बातचीत में अपनी सफाई देते हुए अजीब दावे किए थे। उसने दावा किया था कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या थी। श्रद्धा के मुताबिक, शिवा भारी कर्ज में डूबा हुआ था और उसने इस घटना से अपनी किसी भी संलिप्तता से पूरी तरह इनकार किया था। उसने यह भी स्वीकार किया था कि शिवा कुछ महीने पहले उसके घर रहने आया था और इस दौरान घर से आभूषण चोरी होने की बात भी सामने आई थी।
अब नागपुर से मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में इस हत्याकांड से जुड़े कई अन्य अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

