भारत, अमेरिका और यूएई की ऐतिहासिक त्रिपक्षीय बैठक और मार्को रुबियो का मुंबई दौरा: ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर व्यापक चर्चा
भारत, अमेरिका और यूएई की ऐतिहासिक त्रिपक्षीय बैठक और मार्को रुबियो का मुंबई दौरा: ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर व्यापक चर्चा
मुंबई / नई दिल्ली:
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) अपने तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंच चुके हैं। मंगलवार को मुंबई में उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ एक महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय बैठक (Trilateral Meeting) में हिस्सा लिया।
1. भारत, अमेरिका और यूएई की त्रिपक्षीय बैठक
मुंबई में आयोजित इस उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक में तीनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और साझा हितों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई:
मुख्य विषय: बैठक के दौरान विशेष रूप से ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), कनेक्टिविटी और वर्तमान भू-राजनीतिक हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि यूएई के विदेश मंत्री और अमेरिकी विदेश सचिव के साथ ऊर्जा, कनेक्टिविटी और मौजूदा वैश्विक हालात पर सार्थक चर्चा हुई है।
2. भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता और व्यापार समझौते पर बड़ा बयान
त्रिपक्षीय बैठक के अलावा मार्को रुबियो और एस. जयशंकर के बीच द्विपक्षीय बैठक भी संपन्न हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, नई तकनीक और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
व्यापार समझौते के बेहद करीब: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रेस से बातचीत में बड़ा दावा करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते (Trade Deal) को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं और इसकी घोषणा जल्द ही की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समझौते को पूरा करने के लिए अब बहुत कम औपचारिकताएं बाकी बची हैं।
रणनीतिक साझेदारी: रुबियो ने भारत को अमेरिका का एक बेहद अहम आर्थिक, कमर्शियल और रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के साथ अमेरिका अपने रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
3. 26/11 स्मारक पर श्रद्धांजलि और अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता: भारत दौरे की शुरुआत करते हुए मार्को रुबियो ने मुंबई के ताज महल पैलेस होटल स्थित 26/11 आतंकी हमले के स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने याद किया कि 2008 के उस भीषण हमले में 6 अमेरिकी नागरिकों समेत 166 बेकसूर लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
अमेरिकी कांग्रेस के स्टाफ और सांसदों से बैठक: इस बीच, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मुंबई में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के प्रतिनिधिमंडल (जिसमें जेसन स्मिथ, डेविड श्विकर्ट, एलिस स्टेफनिक, एंडी ओगल्स और लौरा फ्रीडमैन शामिल थे) से मुलाकात की। बैठक में तकनीक, रक्षा, व्यापार और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
4. भारत-यूएई संबंधों की मजबूती
यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठकों का जिक्र करते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि एक दशक से अधिक के निरंतर सहयोग के बाद, भारत-यूएई संबंध आज एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादों पर पूरी तरह खरे उतर रहे हैं। इस वर्ष दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूएई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद और क्राउन प्रिंस शेख खालिद) के बीच हुए लगातार दौरों ने रिश्तों को ऐतिहासिक गहराई दी है।
मुंबई में अपने कार्यक्रम और बैठकें पूरी करने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो आगे के कार्यक्रमों के तहत गुजरात के जामनगर के लिए रवाना होंगे, जहां ऊर्जा सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने पर विशेष बातचीत होगी।

