शेयर बाजार अवकाश और सोने-चांदी की चाल: दशहरा के दिन भी उच्च स्तर पर बने हैं कीमती धातुओं के भाव
शेयर बाजार अवकाश और सोने-चांदी की चाल: दशहरा के दिन भी उच्च स्तर पर बने हैं कीमती धातुओं के भाव
नई दिल्ली:
दशहरे के पावन पर्व (20 अक्टूबर 2026) के अवसर पर आज घरेलू शेयर बाजार और कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में कारोबार बंद हैं। इसके बावजूद निवेशकों, खरीदारों और सर्राफा बाजार के जानकारों की नजरें सोने और चांदी की कीमतों पर टिकी हुई हैं। पिछले कुछ सत्रों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलने के बावजूद कीमती धातुएं ऊंचे और मजबूत स्तर पर कारोबार कर रही हैं।
घरेलू बाजार में सोने-चांदी की स्थिति
सोना: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले सत्र के दौरान दिसंबर डिलीवरी वाला सोना मामूली गिरावट के साथ 1,47,300 रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास बंद हुआ था। भौतिक बाजार (फिजिकल मार्केट) में भी सोने के भाव मजबूत बने हुए हैं, जहां मुंबई और दिल्ली जैसे प्रमुख बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव 1.47 लाख से 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1.35 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया है।
चांदी: वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में लगभग स्थिर रुख के साथ 2,09,825 रुपए प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जबकि हाजिर बाजार में चांदी की कीमतें 2.10 लाख से 2.15 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के करीब बनी हुई हैं।
पिछले एक साल में शानदार रिटर्न
दशहरे के इस मौके पर पिछले एक साल के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो कीमती धातुओं में निवेश करने वाले निवेशकों को बंपर फायदा हुआ है:
पिछले साल के दशहरे से लेकर अब तक सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक की शानदार तेजी दर्ज की गई है।
वहीं, चांदी ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए करीब 45 प्रतिशत तक का बंपर रिटर्न दिया है। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के इस दौर में निवेशकों का सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Investment) के रूप में कीमती धातुओं पर भरोसा लगातार मजबूत बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और वैश्विक कारक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल सोना कुछ दबाव के बीच 4,144 डॉलर प्रति औंस और स्पॉट सिल्वर 57.44 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है।
दबाव के कारण: कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से बढ़ती महंगाई की चिंता, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने की संभावनाओं के कारण सोने की तेजी पर थोड़ा अंकुश लगा है। आमतौर पर ऊंची ब्याज दरें गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों को कुछ समय के लिए कम आकर्षक बनाती हैं।
समर्थन के कारक: इसके बावजूद वैश्विक महंगाई, अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग इन दोनों कीमती धातुओं को नीचे के स्तर पर मजबूत समर्थन दे रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अक्टूबर महीने में सोने का 4,100 डॉलर प्रति औंस के ऊपर बने रहना इसकी आंतरिक मजबूती को दर्शाता है।

