Saturday, October 17, 2026
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उत्तराखंड

अंकिता भंडारी न्याय के लिए सड़कों पर उतरी कांग्रेस: देहरादून में निकाला विशाल कैंडल मार्च, वीआईपी को राज्यपाल पद से हटाने की उठाई मांग

अंकिता भंडारी न्याय के लिए सड़कों पर उतरी कांग्रेस: देहरादून में निकाला विशाल कैंडल मार्च, वीआईपी को राज्यपाल पद से हटाने की उठाई मांग

​देहरादून:

​उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर और मामले में कथित ‘वीआईपी’ को राज्यपाल पद पर नियुक्त किए जाने के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने शनिवार शाम राजधानी देहरादून में विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय से प्रारंभ होकर ऐतिहासिक घंटाघर होते हुए वापस कांग्रेस भवन पहुंचकर संपन्न हुआ।

​इस प्रदर्शन में प्रदेश भर से आए वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

​पार्टी के दिग्गज नेता रहे मौजूद

​कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित इस कैंडल मार्च में पार्टी के तमाम शीर्ष दिग्गज एकजुट नजर आए:

​कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा

​पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत

​विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य

​चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह

​चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत

​”गरीब जनता को न्याय देने के बजाय संदिग्ध को संवैधानिक पद दिया” – गणेश गोदियाल

​प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल एक केस नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और सम्मान से जुड़ा प्रश्न है।

​संवैधानिक पद पर नियुक्ति पर सवाल: गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में शुरुआत से ही भाजपा नेताओं के मुंह से जिस ‘वीआईपी’ का नाम सामने आ रहा था, अंकिता के परिजनों और जनता द्वारा सीबीआई जांच की मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने उस नेता को राज्यपाल बनाकर सुरक्षा कवच दे दिया।

​जनता में आक्रोश: उन्होंने कहा कि केंद्र के इस फैसले से हमारा शक अब पक्के विश्वास में बदल चुका है। इस नियुक्ति से न केवल उत्तराखंड बल्कि दिल्ली और अब सिक्किम के लोग भी उद्वेलित होकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। देश के हर नागरिक को न्याय पाने का अधिकार है, लेकिन सरकार गरीब परिवार का साथ देने के बजाय अपने संदिग्ध नेता को संरक्षण दे रही है।

​हरक सिंह रावत ने उठाई तत्काल बर्खास्तगी की मांग

​कैंडल मार्च में शामिल हुए पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा:

​सीबीआई जांच पर संशय: उन्होंने कहा कि जन-दबाव के बाद ही सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। हालांकि, अभी तक सीबीआई की जांच पूरी भी नहीं हुई है, ऐसे में जांच पूरी होने से पहले केंद्र सरकार ने संबंधित वीआईपी को आनन-फानन में राज्यपाल जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर कैसे नियुक्त कर दिया?

​बर्खास्तगी की मांग: हरक सिंह रावत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि मामले की निष्पक्षता और सीबीआई जांच की साख बनाए रखने के लिए सिक्किम के राज्यपाल पद पर की गई इस नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

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