AISA राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली पुलिस द्वारा रिहा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
AISA राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा दिल्ली पुलिस द्वारा रिहा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई
नई दिल्ली:
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने रिहा कर दिया है। उन्हें शुक्रवार शाम तिरंगा मार्च के दौरान मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया था। ‘दिल्ली पुलिस अधिनियम’ की धारा 65 के तहत सभी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरके पुरम पुलिस स्टेशन से उनकी रिहाई की गई।
रिहाई के बाद तीखे तेवर, CEC के इस्तीफे की मांग
रिहा होने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नेहा बोरा ने केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन पर जमकर निशाना साधा:
हिरासत की कार्रवाई पर सवाल: नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन द्वारा अकारण लोगों को हिरासत में लेना और घंटों या रातभर थाने में बैठाए रखना आम नागरिकों के मन में डर पैदा करने का जरिया बन गया है। उन्होंने इसे पूरी तरह गैर-कानूनी बताया।
व्यापारियों के नुकसान का हवाला: उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे आंदोलनों और प्रदर्शनों से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भाजपा को अपना अहंकार छोड़कर तुरंत CEC का इस्तीफा लेना चाहिए, ताकि बाजारों को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।
अभिजीत दिपके समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके और अन्य प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए AISA अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें और उन सभी नागरिकों को तुरंत रिहा किया जाना चाहिए जो लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जवाबदेही और वोट देने के अधिकार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को इस तरह अवैध रूप से हिरासत में रखना पूरी तरह अनुचित है।

