दिल्ली में प्रदर्शनों और सड़क बंदी से बाजारों की रौनक गायब, कनॉट प्लेस में रोजाना 100 करोड़ रुपये तक के नुकसान का दावा
दिल्ली में प्रदर्शनों और सड़क बंदी से बाजारों की रौनक गायब, कनॉट प्लेस में रोजाना 100 करोड़ रुपये तक के नुकसान का दावा
दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों, बैरिकेडिंग और यातायात प्रतिबंधों का असर अब राजधानी के प्रमुख बाजारों के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। कनॉट प्लेस, जनपथ, पालिका बाजार, शंकर मार्केट और खान मार्केट जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों में ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापारी परेशान हैं। व्यापारिक संगठनों का कहना है कि त्योहारी सीजन में बिक्री बढ़ने के बजाय कारोबार प्रभावित हो रहा है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने दावा किया है कि केवल कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में ही रोजाना करीब 100 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
कनॉट प्लेस और आसपास के बाजारों में कारोबार प्रभावित
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अतुल भार्गव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विरोध-प्रदर्शनों और सुरक्षा प्रतिबंधों के कारण कनॉट प्लेस के साथ जनपथ, पालिका बाजार, मोहन सिंह प्लेस, म्युनिसिपल मार्केट और शंकर मार्केट में भी कारोबार प्रभावित हुआ है।
उन्होंने बताया कि व्यापारियों ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए पहले से ही बड़े पैमाने पर सामान खरीदा था और निवेश किया था। लेकिन ग्राहकों की आवाजाही कम होने के कारण बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है। भार्गव के मुताबिक, यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो व्यापारियों का नुकसान और बढ़ सकता है।
खान मार्केट में ग्राहक कम, दुकानदारों की बढ़ी चिंता
खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहता ने भी बाजार में ग्राहकों की संख्या घटने की बात कही। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों में जहां बाजार में अच्छी भीड़ रहती है, वहीं अब बहुत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं।
मेहता के अनुसार, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर का समय व्यापारियों के लिए बेहद अहम होता है। इन महीनों की बिक्री का असर पूरे साल के कारोबार पर पड़ता है। ऐसे में दुकानों में सामान मौजूद होने के बावजूद ग्राहकों के नहीं पहुंचने से व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के सामने आर्थिक चुनौतियां बढ़ रही हैं।
बंगाली मार्केट में भी कारोबार पर असर
बंगाली मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में दावा किया कि जुलाई से ही बाजार का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने बताया कि बाजार में करीब 40 प्रमुख दुकानें हैं, जहां मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी आते-जाते रहते हैं। गुप्ता के मुताबिक, लगातार विरोध-प्रदर्शनों के कारण स्थानीय कारोबार लगभग ठप होने की स्थिति में पहुंच गया है।
लाजपत नगर में 50 प्रतिशत तक असर का दावा
लाजपत नगर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप अरोरा ने कहा कि विरोध-प्रदर्शनों का बाजार के कारोबार पर करीब 50 प्रतिशत तक असर पड़ रहा है। उनके मुताबिक, जिन दिनों प्रदर्शन होते हैं, उन दिनों बाजार में व्यापार लगभग ठप हो जाता है।
अरोरा ने कहा कि यातायात जाम और अव्यवस्था के कारण लोग घरों से निकलने से बचते हैं, जिसका सीधा नुकसान दुकानदारों को उठाना पड़ता है। उन्होंने त्योहारी सीजन में इस स्थिति को व्यापारियों के लिए विशेष रूप से चिंताजनक बताया।
शंकर मार्केट में ग्राहकों की आवाजाही घटी
शंकर मार्केट के कई दुकानदारों का कहना है कि प्रदर्शन अक्सर ऐसे समय शुरू होते हैं, जब बाजार में ग्राहकों की सबसे ज्यादा आवाजाही होती है। सड़कों पर बैरिकेडिंग, यातायात प्रतिबंध और बाजारों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ने से लोगों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
कुछ व्यापारियों ने दावा किया कि उनके यहां ग्राहकों की संख्या में 70 प्रतिशत तक गिरावट आई है। उनका कहना है कि विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, ताकि मुख्य सड़कों और बाजारों में कारोबार प्रभावित न हो।
दुकानें बंद नहीं, लेकिन खर्च लगातार जारी
व्यापारियों के मुताबिक, बिक्री कम होने के बावजूद बिजली के बिल, कर्मचारियों का वेतन और अन्य परिचालन खर्च लगातार जारी हैं। इससे उनकी आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं।
कुछ दुकानदारों ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या दुकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है, जिसके कारण उन्हें सतर्क रहना पड़ता है।
पुलिस और यातायात प्रतिबंधों से त्योहारी खरीदारी पर असर
कनॉट प्लेस के एक दुकानदार ने आईएएनएस से कहा कि भारी पुलिस बल और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखकर कई ग्राहक बाजार आने से बचते हैं। मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध या यातायात बाधित होने से भी बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में आमतौर पर बाजारों में खरीदारी चरम पर रहती है, लेकिन इस बार विरोध-प्रदर्शनों और यातायात संबंधी बाधाओं के कारण बिक्री प्रभावित हो रही है। अब उनकी मांग है कि हालात जल्द सामान्य हों, ताकि ग्राहकों की आवाजाही बढ़े और कारोबार को राहत मिल सके।

