अंकिता भंडारी प्रकरण विरोध प्रदर्शन: बिना अनुमति लोकभवन के सामने हंगामा करने पर पूर्व सीएम हरीश रावत और गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज
अंकिता भंडारी प्रकरण विरोध प्रदर्शन: बिना अनुमति लोकभवन के सामने हंगामा करने पर पूर्व सीएम हरीश रावत और गणेश गोदियाल समेत 30 कांग्रेस नेताओं पर मुकदमा दर्ज
देहरादून:
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में कथित वीआईपी (VIP) की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के विरोध को लेकर देहरादून में हुए उग्र प्रदर्शन पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बिना अनुमति के लोकभवन के सामने प्रदर्शन करने और यातायात बाधित करने के आरोप में पुलिस ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत समेत 30 नामजद नेताओं और 10-15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस पार्टी की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के तहत घंटाघर से जिला प्रशासन तक कैंडल मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपा जाना था। हालांकि, तय रूट और नियमों के विपरीत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बिना अनुमति के सीधे लोकभवन के बाहर जा पहुंचे और वहां जमकर प्रदर्शन व नारेबाजी की।
थाना कैंट प्रभारी संतोष सिंह कुंवर की शिकायत के आधार पर दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि:
प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा बार-बार समझाया गया कि वे बिना अनुमति आगे न बढ़ें और कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की, बैरियर पार करने का प्रयास किया और जबरन आगे बढ़े।
इस हंगामे के कारण वीआईपी मार्ग पर यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।
इन प्रमुख नेताओं के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
एसपी सिटी शेखर सुयाल ने पुष्टि करते हुए बताया कि थाना कैंट में पुलिस की ओर से भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है। नामजद किए गए प्रमुख नेताओं में शामिल हैं:
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल
वरिष्ठ नेता व विधायक प्रीतम सिंह
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत
नेता ज्योति रौतेला, गरिमा दसौनी और पूर्व विधायक राजकुमार सहित कुल 30 नामजद लोग।
इस मामले की विवेचना पुलिस उपनिरीक्षक कैलाश चंद्र भट्ट को सौंपी गई है, और पुलिस अब आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।

