वैशाली राघोपुर नाव हादसा: तेजस्वी यादव को करना पड़ा स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना, बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल
वैशाली राघोपुर नाव हादसा: तेजस्वी यादव को करना पड़ा स्थानीय लोगों के तीखे विरोध का सामना, बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल
हाजीपुर / राघोपुर (वैशाली):
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में गंगा नदी में हुए भीषण नाव हादसे के बाद जहाँ एक ओर मातम का माहौल है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा गुस्सा फूट पड़ा है। हादसे के लगभग 24 घंटे बाद जब नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुँचे, तो उन्हें जनता के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।
’जब आपसे कुछ हो नहीं रहा, तो इस्तीफा दे दीजिए’
राघोपुर के रामपुर श्यामचंद गाँव में जैसे ही तेजस्वी यादव पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाने पहुँचे, शोक में डूबे ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी खुलकर सामने रख दी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में इतनी बड़ी त्रासदी हो गई और पूरा इलाका गम में डूबा है, तब जनप्रतिनिधि को मौके पर पहुँचने में एक दिन का समय क्यों लगा।
गुस्साए ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा, “जब आपसे कुछ हो नहीं रहा है, तो विधायक पद से इस्तीफा दे दीजिए। यहाँ न पक्की सड़कें हैं और न ही कोई बुनियादी सुविधा, फिर भी आप राघोपुर के विधायक बने हुए हैं।” लोगों का आरोप था कि दियारा क्षेत्र आज भी स्वास्थ्य, सड़क और आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं से पूरी तरह वंचित है।
तेजस्वी यादव का सरकार और प्रशासन पर हमला
विरोध और तनाव के बीच तेजस्वी यादव ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इसके बाद उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासनिक तंत्र पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा:
हादसे के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आई, अस्पतालों में पर्याप्त सुविधाएँ नहीं थीं और एम्बुलेंस में ऑक्सीजन तक की कमी थी।
यदि SDRF और NDRF की टीमें समय पर पहुँच जातीं, तो कई मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने राहत व बचाव कार्यों में हुई देरी की उच्चस्तरीय जाँच की माँग की है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार से मृतकों के शोक संतप्त परिवारों को उचित आर्थिक मुआवजा देने के साथ-साथ उनके स्थायी पुनर्वास के लिए जमीन उपलब्ध कराने की जोरदार माँग की है।
गौरतलब है कि गंगा नदी में हुए इस दर्दनाक नाव हादसे में बच्चों समेत 13 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में गुस्से और शोक का मिला-जुला माहौल बना हुआ है।

