मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’: फांसी की सजा मिलने के बाद दोषी साहिल और मुस्कान की बढ़ी बेचैनी, जेल प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
मेरठ का चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’: फांसी की सजा मिलने के बाद दोषी साहिल और मुस्कान की बढ़ी बेचैनी, जेल प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
मेरठ:
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से दोषी ठहराए गए साहिल और मुस्कान की मुश्किलें और मानसिक तनाव काफी बढ़ गया है। खबर है कि दोनों का जेल के भीतर रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछ रहे हैं।
जेल के भीतर रोना और खाना छोड़ना
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, अदालत का फैसला आने के बाद से साहिल और मुस्कान अत्यधिक भावुक और बेचैन हो गए हैं। दोनों जोर-जोर से रो रहे हैं और उन्होंने खाना-पीना भी छोड़ दिया है। वे बार-बार जेल अधिकारियों से यह पूछ रहे हैं कि “अब आगे क्या होगा?”
जेल प्रशासन ने उन्हें उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया है कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय (High Court) में अपील कर सकते हैं।
अलग-अलग सेल में कड़ी निगरानी, कैदी नंबर आवंटित
सुरक्षा कारणों और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए जेल प्रशासन ने दोनों दोषियों को अलग-अलग सेल में बंद किया है और उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है:
साहिल को कैदी नंबर 395 आवंटित किया गया है।
मुस्कान को कैदी नंबर 396 आवंटित किया गया है।
साथ ही, जेल नियमों के अनुसार दोनों के पहनावे में भी बदलाव किया गया है। अब साहिल जेल में सफेद पायजामा-कुर्ता पहनेगा, जबकि मुस्कान को क्रीम कलर की साड़ी या सूट उपलब्ध कराया गया है।
क्या है पूरा ‘नीला ड्रम हत्याकांड’?
यह सनसनीखेज मामला 3 मार्च 2025 की रात का है। पुलिस जांच के अनुसार:
मुस्कान ने अपने पति सौरभ राजपूत को पहले नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से सील कर दिया गया था।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था।
लगभग 126 तारीखों तक चली लंबी सुनवाई के बाद अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने 30 सितंबर को दोनों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद अब उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई है। अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया उच्च न्यायालय में अपील के चरण में बढ़ने की उम्मीद है।

