चेक बाउंस मामलों में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 85 लाख रुपये जमा; पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश
चेक बाउंस मामलों में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, 85 लाख रुपये जमा; पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश
नई दिल्ली:
चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने अदालत को सूचित किया कि गत 13 अक्टूबर को शेष 85 लाख रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में सफलताપૂર્વक जमा करा दिए गए हैं। मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों को मीडिएशन सेंटर (मध्यस्थता केंद्र) भेजने का निर्देश दिया है।
कनाडा यात्रा के लिए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव के वकील ने अदालत को बताया कि अभिनेता को एक कार्यक्रम के सिलसिले में कनाडा जाना है। वहां होने वाले इस शो से उन्हें कुछ वित्तीय मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे उनके मामलों के निपटारे में मदद मिल सकती है। इस अनुरोध पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को उनका पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दे दिया है।
सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने दोनों पक्षों से सवाल किया कि आखिर वे आपसी बैठकर इस विवाद का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल लेते। अदालत ने दोनों पक्षों को विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए मध्यस्थता केंद्र भेजने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा कानूनी विवाद मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े सात चेक बाउंस मामलों से जुड़ा है। साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए इस कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। हालांकि, साल 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी, जिसके बाद कर्ज की रकम चुकाने को लेकर विवाद गहरा गया।
शिकायतकर्ता कंपनी का आरोप था कि कर्ज चुकाने के लिए दिए गए चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गए, जिसके बाद कंपनी ने अभिनेता के खिलाफ सात अलग-अलग मामले दर्ज कराए थे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। पिछली सुनवाई में यह बताया गया था कि आंशिक रकम का इंतजाम हो चुका है और बाकी 85 लाख रुपये पुश्तैनी जमीन की बिक्री से जुटाए जाने हैं, जिसकी रजिस्ट्री में देरी हो रही थी। अब तय समयसीमा के भीतर शेष रकम भी सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करा दी गई है, जिससे अभिनेता को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

